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खेल-खेल में तीन सिक्के निगल डाले 9 साल के पुनीत ने, गले में फंसे जान पर बन आई, एंडोस्कोपी से निकाले

Child Swallowed Coins: सिक्के गले (एसोफैगस) में फंस गए, जिससे बच्चे को सांस लेने और निगलने में गंभीर परेशानी होने लगी।

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जयपुर

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MOHIT SHARMA

Mar 20, 2026

photo: patrika

photo: patrika

फुलेरा (जयपुर). खेल-खेल में एक छोटी सी लापरवाही ने 9 साल के पुनीत की जान पर बन आई। नरेना थाना क्षेत्र के भोगलिया का बास निवासी पुनीत ने अनजाने में तीन सिक्के मुंह में डाल लिए और निगल गए। सिक्के गले (एसोफैगस) में फंस गए, जिससे बच्चे को सांस लेने और निगलने में गंभीर परेशानी होने लगी। परिवार वाले घबराकर तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचे, जहां स्थिति को देखते हुए ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. सूर्यप्रकाश कुमावत को बुलाया गया। डॉ. कुमावत ने तत्काल एंडोस्कोपी प्रक्रिया शुरू की।

जांच में पता चला कि तीनों सिक्के आपस में चिपककर फंसे हुए थे – ये बेहद दुर्लभ और जानलेवा स्थिति थी, क्योंकि सिक्के एक-दूसरे से जुड़करएसोफैगस को पूरी तरह ब्लॉक कर सकते थे। आधुनिक एंडोस्कोपिक उपकरणों की मदद से डॉक्टरों ने सावधानीपूर्वक तीनों सिक्के निकाले। ऑपरेशन सफल रहा और बच्चे को कोई चोट नहीं आई। टीम में डॉ. शीतल, चंदालाल, ऋषि, सोनू और गणेश कासोटिया का योगदान सराहनीय रहा।

डॉक्टरों के अनुसार, सिक्के निगलना बच्चों में आम है, लेकिन कई सिक्के एक साथ फंसना दुर्लभ होता है और अगर समय पर इलाज न हो तो एसोफैगस में अल्सर, इंफेक्शन या सांस की नली ब्लॉक होने से मौत भी हो सकती है। पुनीत अब पूरी तरह स्वस्थ है और घर लौट चुका है।

ऐसे अन्य मामले भी आए हैं

  • जुलाई 2025 में सोनीपत (हरियाणा) के 12 साल के बच्चे ने तीन सिक्के (दो ₹5 और एक ₹10) निगले, जो खाने की नली में फंस गए – दिल्ली के सरकारी अस्पताल में एंडोस्कोपी से निकाले गए।
  • फरवरी 2025 में कोटा (राजस्थान) में बच्चे ने ₹1 का सिक्का निगला, सांस लेने में दिक्कत हुई – आधे घंटे में एंडोस्कोपी से निकाला।
  • मार्च 2026 में फरीदाबाद (मेट्रो हॉस्पिटल) में बच्चे ने ₹5 का सिक्का निगला – एंडोस्कोपी से सुरक्षित निकाला।

सावधानी बरतें (माता-पिता के लिए टिप्स)

  • छोटे बच्चों को सिक्के, बटन, बैटरी या छोटी चीजें हाथ में न दें।
  • खिलौने छोटे पार्ट्स वाले न खरीदें (3 साल से कम उम्र के लिए सख्ती से बचें)।
  • बच्चा कुछ निगल जाए तो घबराएं नहीं – तुरंत अस्पताल जाएं, उल्टी कराने या रोटी खिलाने की कोशिश न करें (यह और नुकसान पहुंचा सकता है)।
  • अगर सांस लेने में दिक्कत, उल्टी, सीने में दर्द हो तो इमरजेंसी में जाएं – एंडोस्कोपी से ज्यादातर केस बिना सर्जरी के ठीक हो जाते हैं।
  • ये घटनाएं बच्चों की सुरक्षा पर ध्यान देने की चेतावनी हैं।