
जयपुर। विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस ने स्पष्ट रूप से किसी की जिम्मेदारी तय नहीं की है, लेकिन प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने संकेत दे दिए हैं कि वे राजस्थान में लंबे समय तक काम करने के इच्छुक नहीं हैं। रंधावा पंजाब कांग्रेस में काम करने के पक्ष में हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि राजस्थान को आने वाले समय में जल्द ही नया प्रदेश प्रभारी मिल सकता है। रंधावा के शनिवार को दिल्ली में मीडिया में दिए बयान के बाद राजस्थान में यह चर्चा तेज हो गई है।
राजस्थान में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार को लेकर दिल्ली में हुई बैठक के बाद मीडिया ने रंधावा से सवाल किया था कि हार के चलते क्या आपने अपना इस्तीफा देने को कहा है। इसके जवाब में रंधावा ने कहा था कि वे पहले भी कई बार कह चुके हैं कि विधानसभा चुनाव तक ही राजस्थान में रहना चाहते हैं। उसके बाद पंजाब जाकर काम करना है। उन्होंने कहा कि हार के कारणों की समीक्षा की जाएगी। जो उम्मीदवार कम अंतर से हारे हैं, उन सीटों पर भी मंथन किया जाएगा।
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दोनों गुटों को साधने में भी नहीं रहे सफल
प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी किस स्तर पर है, यह किसी से छिपी नहीं है। रंधावा के प्रदेश प्रभारी लगाए जाने के बाद शुरुआती दौर में गुटबाजी चरम पर रही। जमकर बयानबाजी भी हुई। इस खेमेबंदी पर वे नियंत्रण भी नहीं कर सके। हालांकि चुनाव से कुछ माह पहले आलाकमान के दखल के बाद इस पर अंकुश लगाया जा सका। इन हालात में यदि प्रदेश प्रभारी को बदला गया तो कांग्रेस आलाकमान को ऐसे चेहरे पर विचार करना पड़ेगा जो खेमेबंदी पर नियंत्रण कर पार्टी को आगे बढ़ा सके। अभी कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती लोकसभा चुनाव की है।
Published on:
11 Dec 2023 01:09 pm
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