
जयपुर। अब हरेक स्कूल के गुरुजी को अपना श्रेष्ठ काम बताना होगा। काम ऐसा हो जिससे विद्यालय की तस्वीर बदली हो और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हुआ हो। शिक्षकों के इस अभिनव प्रयास को दूसरे शिक्षकों के साथ शेयर भी किया जाएगा, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में और सुधार हो सके। इसे बेस्ट प्रेक्टिस शेयरिंग का नाम दिया जाएगा। इसके लिए शिक्षकों को अभी से तैयारी करानी होगी।
शिक्षक प्रशिक्षण में दिखाएंगे श्रेष्ठ काम
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद के अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक सुरेश चन्द्र ने बताया कि शिक्षकों के श्रेष्ठ कामों को ग्रीष्मावकाश में शिक्षक प्रशिक्षण 2018—19 में दूसरे शिक्षकों को दिखाया जाएगा। जिससे दूसरे शिक्षक भी अपने काम में और सुधार कर सकें। शिक्षक प्रशिक्षण में शिक्षकों और संस्था प्रधानों द्वारा किए गए श्रेष्ठ कार्यों के प्रदर्शन के लिए एक विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा।
सभी विषयों का अनुभव करेंगे शेयर
बेस्ट प्रेक्टिस शेयरिंग के तहत शिक्षक सभी विषयों में अपना काम दिखाएंगे। इसके लिए राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद ने शिक्षकों से उनके श्रेष्ठ कार्य और अनुभव मांगे हैं। एक सत्र सिर्फ अनुभव का ही होगा। इसमें शिक्षकों द्वारा किए गए श्रेष्ठ कार्यों का प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रत्येक जिले से 5 शिक्षक
प्रत्येक जिले से 5 शिक्षकों के श्रेष्ठ कार्यों का चयन राज्य स्तरीय कार्यक्रम के लिए किया जाएगा। अन्य शिक्षकों के श्रेष्ठ कार्य जिला व ब्लॉक स्तर पर दिखाया जाएगा। इसके लिए शिक्षक को अपना पावर पाइन्ट प्रजेन्टेशन तैयार करना होगा, जिससे प्रशिक्षण के दौरान उसे प्रभावी तरीके से बता सकें और उस पर चर्चा हो सके।
प्रशिक्षण में ये रहेंगे मुख्य बिंदु
विद्यालय की प्रारंभिक स्थिति कैसी थी, उसमें क्या—क्या बदलाव किए। बदलाव का विचार कैसे आया। बदलाव में क्या समस्याएं रही और उनका समाधान आखिर कैसे किया। विद्यालय विकास में किन—किन का सहयोग लिया और किस प्रकार लिया। विद्यालय के विकास के बाद कैसा महसूस करते हैं। विद्यालय और विद्यार्थियों को लेकर आगे की क्या योजना है।
Published on:
20 Apr 2018 09:14 am
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