
जेडीए। फोटो: पत्रिका
जयपुर। जेडीए सीमा क्षेत्र में कौन सा भूखंड किसके नाम है और पहले किसके पास रहा है, इसकी जानकारी जेडीए की वेबसाइट पर एक क्लिक पर मिलेगी। जेडीए हर भूखंड की कुंडली तैयार करवा रहा है।
खास बात यह है कि भूखंड को बेचे जाने के साथ ही खरीदार का नाम ऑटो अपडेट हो जाएगा। जेडीए अधिकारियों की मानें तो जेडीए की वेबसाइट पर मास्टर प्लान 2025 पर क्लिक करने से भूखंडों से जुड़ी समस्त जानकारी उपलब्ध हो जाएगी। ई-पंजीयन पोर्टल से मिली जानकारी से नाम हस्तांतरण होगा। इसी के आधार पर भूखंड स्वामी का नाम ऑटो अपडेट होता रहेगा।
भूखंड बेचान के बाद उसके खरीदार का नाम ई-पंजीयन पोर्टल से जेडीए के सेन्ट्रलाइज प्रॉपर्टी रिपोजिटरी मैनेजमेंट सिस्टम (सीपीआरएमएस) में दर्ज हो जाएगा। खरीदार जब भूखंड नाम हस्तांतरण के लिए जेडीए में आवेदन करेगा तो भूखंड की रजिस्ट्री के कागजों के सत्यापन के लिए जेडीए नहीं आना पड़ेगा।
ई-पंजीयन पोर्टल से सीपीआरएमएस में हुए अपडेशन के आधार पर जेडीए में नाम हस्तांतरण कर दिया जाएगा। भूखंडों के खरीद-बेचान में होने वाली धोखाधड़ी से राहत मिलेगी। फर्जी कागजों से भूखंड के नाम हस्तांतरण पर अंकुश लगेगा।
जेडीए अपनी योजनाओं और जेडीए से अनुमोदित योजनाओं के भूखंडों की जानकारी साझा करेगा। जेडीए आयुक्त आनंदी के निर्देश पर जेडीए की आइटी शाखा के अधिकारी 90-ए पोर्टल, ई-पंजीयन पोर्टल और ई-धरती पोर्टल का एकीकरण करने में जुटे हुए हैं। जेडीए का लक्ष्य है कि 30 अप्रेल तक सारा काम पूरा हो जाए।
Updated on:
16 Mar 2025 03:39 pm
Published on:
16 Mar 2025 01:13 pm
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