13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जनाना अस्पताल अधीक्षक के खिलाफ नर्सेज ने की स्ट्राइक, मेडिकल कॉलेज को मजबूरन देना पड़ा दखल

जनाना अस्पताल में नर्सेज ने सोमवार को कार्य बहिष्कार किया।

less than 1 minute read
Google source verification
जनाना अस्पताल अधीक्षक के खिलाफ नर्सेज ने की स्ट्राइक, मेडिकल कॉलेज को मजबूरन देना पड़ा दखल

जनाना अस्पताल अधीक्षक के खिलाफ नर्सेज ने की स्ट्राइक, मेडिकल कॉलेज को मजबूरन देना पड़ा दखल

जयपुर। जनाना अस्पताल में नर्सेज ने सोमवार को कार्य बहिष्कार किया। 300 से ज्यादा नर्सेज ने हड़ताल की तो अस्पताल में मरीजों के सामने परेशानियां खड़ी हो गई। नर्सेज ने साफ कर दिया कि जब तक उनका पुराना नर्सिंग कार्यालय वापस नहीं दिया जाएगा। उनकी हड़ताल जारी रहेगी। जनाना अस्पताल अधीक्षक डॉ कुसुमलता मीणा पर मनमानी के आरोप लगाए।

सोमवार सुबह 8 बजे नर्सेज ने कार्य बहिष्कार शुरू किया। लेकिन अधीक्षक की ओर से इस मामले में कोई समझौता नहीं किया गया। जिसे देख एसएमएस मेडिकल कॉलेज को विवाद को खत्म कराने के लिए दखल देना पड़ा। जनाना अस्पताल की ओर से सोमवार शाम को एक आदेश जारी किया गया। जिसमें लिखा गया कि नर्सिंग अधीक्षक कार्यालय में वर्तमान में संचालित एएनसी भवन से पुरानी स्पेशियलिटी में स्थानांनतरित किया जाता है। यह आदेश डॉ दीपक माथुर, अतिरिक्त प्रधानाचार्य, सवाई मानसिंह चिकित्सा महाविद्यालय की ओर से दुरभाष पर दिए गए निर्देशानुसार है।

मेडिकल कॉलेज की दखल देने के बाद सोमवार शाम को नर्सिंग कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त की। पुरानी स्पेशियलिटी में नर्सिंग कार्यालय स्थानांनरित के आदेश के बाद नर्सेज वापस काम पर लौटे।


बता दें कि सोमवार को नर्सेज ने स्ट्राइक के दौरान आरोप लगाए कि करीब चार महीने पहले अधीक्षक डॉ कुसुमलता ने नर्सिंग अधीक्षक कार्यालय को बंद करा दिया। पीडब्लूडी की ओर से काम कराने का हवाला दिया और उन्हें अस्पताल में पीछे की तरफ एक कमरे में शिफ्ट कर दिया गया। जहां उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।