राजस्थान हाईकोर्ट ने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता को बिना सुनवाई का मौका दिए और बिना किसी इन्क्वायरी के ही सरकार ने बर्खास्त कर दिया। ऐसे में बर्खास्तगी आदेश को कानून सम्मत नहीं माना जा सकता हैं। ऐसे में सरकार के 1 अक्टूबर 2021 के बर्खास्तगी आदेश को रद्द किया जाता है। वहीं, याचिकाकर्ता को बकाया वेतन और समस्त परिलाभों सहित पुनः सेवा में लेने के आदेश दिए। हालांकि अदालत ने मामले में विभागीय जांच जारी रखने की स्वतंत्रता दी है।