
जयपुर। राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं, नवाचारों और गुड गवर्नेंस के तहत उल्लेखनीय काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को अब सरकार की ओर से मुख्यमंत्री सार्वजनिक सेवा उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इसमें शिक्षा विभाग को भी शामिल किया गया है, जिसे देखते हुए राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने अपने अधिकारियों और कार्मिकों को 25 मार्च तक आवेदन करने के लिए कहा है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बजट 2023-24 में प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा प्रदेश की नीतियों एवं कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में किए गए नवाचारों एवं अर्जित उपब्धियों के प्रोत्साहन के लिए मुख्यमंत्री सार्वजनिक सेवा उत्कृष्टता पुरस्कार की घोषणा की थी। यह अवॉर्ड प्रतिवर्ष सिविल सेवा दिवस 21 अप्रैल को दिया जाएगा।
तीन श्रेणियों में मिलेगा अवॉर्ड
यह पुरस्कार तीन श्रेणियों गवर्नेंस, फ्लैगशिप स्कीम और नवाचार के लिए दिया जाएगा। प्रत्येक श्रेणी में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार के साथ प्रशंसनीय प्रयास के दो पुरस्कार दिए जाएंगे। विजेता को व्यक्तिगत प्रयासों के लिए एक लाख तक का आईटी गैजेट दिया जाएगा। योजना, कार्यक्रम या प्रोजेक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक विजेता अधिकारी, जिले या संस्थानों को 25 लाख रुपए की इंसेंटिव राशि दी जाएगी।वहीं विजेताओं को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया जाएगा।
गौरतलब है कि मुख्य सचिव उषा शर्मा ने मुख्यमंत्री सार्वजनिक सेवा उत्कृष्टता पुरस्कार पिछले दिनों लॉन्च किया है। हर विभाग से कम से कम 3 एवं जिला स्तर से सभी जिला कलेक्टर अपने जिलों से कम से कम 5 प्रस्ताव मांगे गए है। इसी के तहत शिक्षा विभाग से भी प्रस्ताव मांगे गए हैं।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कार्मिकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह इस पुरस्कार के लिए अधिक से अधिक आवेदन किए। विभाग सरकार की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने के साथ ही शिक्षा में भी लगातार नवाचार कर रहा है।
मोहनलाल यादव, राज्य परियोजना निदेशक
Published on:
19 Mar 2023 12:57 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
