
Ashok Gehlot Declare After Sonia Gandhi Meet I Will Not Contest The Election Of Congress President
सरकार बदलने पर बदले की भावना से होने वाली कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि देश के मौजूदा माहौल में अधिकारियों में भय का माहौल है। बीते दस साल में उन्हें लगने लगा है कि सरकार बदलने पर उन्हें अनावश्यक रूप से तंग किया जाएगा इसलिए ऐसा कोई काम ही नहीं करो जिससे बाद में आरोप लगने लगें।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को इन्वेस्ट राजस्थान समिट को लेकर पत्रकारों से बातचीत में इस सवाल का जवाब देते हुए यह बात कही कि निवेशकों को सरकार से रेस्पांस नहीं मिल पाता। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली बार तो मंत्रियों तक को नहीं छोड़ा गया। मेरे खुद के खिलाफ 108 एंबुलेंस संबंधी मामला सीबीआइ में चला गया। आज उसका कोई अता-पता नहीं। सीएम का कहना था कि सरकार निवेशकों में भरोसा बढ़ाने के लिए काम कर रही है लेकिन मुझे लगता है कि और अधिक विश्वास कायम करने की जरूरत है। कोरोना के बाद हालात बदले हैं। देश में निवेश आ रहा है तो जा भी रहा है। संसद में यह आंकड़ा आया कि नौ लाख से अधिक लोग देश छोड़ कर चले गए। हमारा प्रयास है कि राजस्थान इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली राज्य बने।
कांग्रेस के अडानी समूह पर आरोप लगाने और राजस्थान सरकार के समिट में गौतम अडानी को आमंत्रित करने के मुद्दे पर गहलोत ने कहा कि यदि कोई निवेशक राज्य के कानून और शर्तों की पालना करता है तो हमारी प्राथमिकता है कि निवेश को प्रोत्साहित किया जाए। इससे राजस्व और रोजगार में बढ़ोतरी होगी।
40 प्रतिशत एमओयू क्रियान्वयन स्तर पर
मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य जिन राज्यों में निवेश समिट हुए, वहां निवेश समझौतों को 20 से 25 प्रतिशत ही धरातल पर उतर पाया। हमने अप्रोच बदली है। आज चालीस प्रतिशत एमओयू, एलओआइ क्रियान्वयन की स्थिति तक पहुंच गए हैं। समिट में 51 प्रोजेक्ट्स के शिलान्यास की तैयारी है। समिट में सरकार प्रवासी राजस्थानी नीति भी जारी करेगी। समिट 7 और 8 अक्टूबर को सीतापुरा स्थित जेईसीसी में होगा।
Published on:
04 Oct 2022 10:59 pm
