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हे राम! अंतिम यात्रा में भी अव्यवस्था, इलेक्ट्रिक शवदाह गृह भगवान भरोसे

cremation of dead body : मशीन चालू करने के लिए बिजली की जरूरत होती है। उसके बाद गैस से अंत्येष्टि होती है। विद्युत मेंटेनेंस के कारण एक फेज नहीं आ रहा था। इस कारण दिक्कत हुई।

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जयपुर

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Rajesh Dixit

Oct 12, 2024

जयपुर. आदर्श नगर मोक्षधाम में इलेक्ट्रिक शवदाह गृह भगवान भरोसे चल रहा है। शुक्रवार को एक शव के अंतिम संस्कार में तीन से चार घंटे लग गए। आमतौर पर आधे घंटे में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हो जाती है। लेकिन, यहां अव्यवस्था ऐसी थी कि पहले फेज की वजह से मशीन चालू नहीं हो पाई और फिर गैस की दिक्कत से समय पर अंतिम संस्कार नहीं हो पाया। दोपहर करीब 12 बजे शव लेकर पहुंचे परिजन शाम चार बजे वहां से निकले। लापरवाही देख परिजन और मित्रों ने हंगामा किया। सामाजिक कार्यकर्ता कविता श्रीवास्तव ने बताया कि उनके दोस्त आशीष जोशी का देहांत हो गया था। पर्यावरण बचाने के लिए उन्होंने काफी काम किया है। वे चाहती थीं कि उनके अंतिम संस्कार में पेड़ बचाए जाएं।

ऐसी समझें अव्यवस्था
अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोगों की मानें तो मोक्षधाम में पहुंचने के बाद पूजा-पाठ किया। जोशी के शव को पहले एक मशीन में रखकर अंदर भेजा गया, लेकिन मशीन चालू नहीं हुई। करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला और दूसरी मशीन में रखा गया। उसमें में भी अंतिम संस्कार नहीं हो पाया। इसके बाद इलेक्ट्रीशियन को बुलाया गया, तब पता चला कि विद्युत आपूर्ति सही नहीं हो रही है। दोपहर तीन बजे के बाद लाइट सही हुई और उसके बाद अंतिम संस्कार हो पाया।

इसलिए हुई दिक्कत
-मशीन चालू करने के लिए बिजली की जरूरत होती है। उसके बाद गैस से अंत्येष्टि होती है। विद्युत मेंटेनेंस के कारण एक फेज नहीं आ रहा था। इस कारण दिक्कत हुई।
-सुनील मल्होत्रा, सचिव, आदर्श सहयोग समिति

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