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OMR में कम अंक, फिर भी मिलीभगत से मेरिट लिस्ट में शामिल कराया नाम, जयपुर की महिला को SOG ने किया गिरफ्तार

SOG Arrested Accused Santosh Kumari Meena: सुपरवाइजर सीधी भर्ती परीक्षा-2018 में OMR शीट के अंकों में हेरफेर कर मेरिट लिस्ट में नाम शामिल कराने के आरोप में SOG ने जयपुर निवासी संतोष कुमारी मीणा को गिरफ्तार किया है।
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santosh kumari meena

संतोष कुमारी मीणा की फाइल फोटो: पत्रिका

OMR Scam In Supervisor 2018 Exam: सुपरवाइजर सीधी भर्ती परीक्षा-2018 में OMR शीट में हेरफेर कर चयनित होने वाली महिला अभ्यर्थी संतोष कुमारी मीणा को SOG ने गिरफ्तार किया है। SOG की जांच में सामने आया है कि परीक्षा में निर्धारित अंकों के आधार पर चयन की स्थिति नहीं बनने के बावजूद मिलीभगत के जरिए अभ्यर्थी का नाम मेरिट लिस्ट में शामिल कराया गया। इस मामले में कार्रवाई करते हुए SOG ने जयपुर में कानोता स्थित रामसिंहपुरा निवासी संतोष कुमारी मीणा को गिरफ्तार किया है।

IG अजयपाल लांबा ने बताया कि सुपरवाइजर सीधी भर्ती परीक्षा-2018 में OMR शीट की स्कैनिंग और परिणाम जारी करने की प्रक्रिया में बड़े स्तर पर अनियमितता सामने आई थी। जांच के दौरान पता चला कि तत्कालीन निजी कंपनी 'राभव लिमिटेड' के कार्मिकों और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के कुछ अधिकारियों ने आपसी मिलीभगत कर परीक्षा परिणाम में हेरफेर किया था।

आरोप है कि OMR शीट की स्कैनिंग और परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया में गड़बड़ी कर कुछ अभ्यर्थियों को अनुचित तरीके से लाभ पहुंचाया। इसी प्रक्रिया के तहत संतोष कुमारी मीणा का नाम भी मेरिट लिस्ट में शामिल कराया गया। जांच में OMR शीट में दर्ज वास्तविक अंकों और जारी किए गए परिणाम के बीच अंतर सामने आने के बाद SOG ने मामले में कार्रवाई आगे बढ़ाई।

अब तक इन लोगों को किया गिरफ्तार

SOG इस पूरे मामले की जांच लंबे समय से कर रही है। परीक्षा परिणाम में हेरफेर से जुड़े इस प्रकरण में अब तक कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। तत्कालीन एनालिस्ट उप निदेशक संजय माथुर, प्रोग्रामर प्रवीण गंगवाल, अभ्यर्थी पूनम माथुर तथा निजी कंपनी के कार्मिक विनोद कुमार गौड़ और शादान खान को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

जांच एजेंसी अब ये पता लगाने में जुटी है कि OMR शीट और परीक्षा परिणाम में हेरफेर का ये खेल किस स्तर तक हुआ और इसमें कितने अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाया। साथ ही SOG ये भी जांच कर रही है कि इस पूरे मामले में चयन बोर्ड के किन अधिकारियों और निजी कंपनी के कर्मचारियों की भूमिका रही। SOG की कार्रवाई के बाद परीक्षा भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और OMR शीट की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले में आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस प्रकरण से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई होने की संभावना है।