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राजस्थान में सरकारी स्कूलों को लेकर आई चौंकाने वाली रिपोर्ट, 9008 स्कूलों में केवल एक शिक्षक

सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए सरकार की ओर से समय- समय पर अभियान चलाया जाता है।

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जया गुप्ता/जयपुर। सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए सरकार की ओर से समय- समय पर अभियान चलाया जाता है। वहीं दूसरी ओर सरकार की आधिकारिक रिपोर्ट में अलग ही तस्वीर सामने आई है। प्रदेश के 64,278 सरकारी स्कूलों में से 9008 स्कूल केवल एक शिक्षक के भरोसे हैं। यानी कि इन स्कूलों में आधिकारिक तौर पर केवल एक शिक्षक नियुक्त है।

डाइस 2017-18 की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कुल 9008 स्कूलों में एकल शिक्षक हैं। इनमें प्राथमिक, उच्च प्राथमिक के साथ माध्यमिक व उच्च माध्यमिक हर प्रकार के स्कूल शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार इसमें 8613 प्राथमिक, 383 उच्च प्राथमिक व 12 माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्कूल भी शामिल हैं।

यह स्थिति जनजाति क्षेत्र की ही नहीं है, बल्कि राजधानी जयपुर के शहरी क्षेत्र में भी ऐसे स्कूल हैं। एक शिक्षक होने के कारण महीने में 5-7 दिन इनमें अघोषित अवकाश रहता है। सर्वाधिक एकल शिक्षक वाले स्कूल बाड़मेर जिले में हैं। यहां 1637 स्कूलों में एक ही शिक्षक हैं। वहीं, सबसे कम एकल शिक्षक स्कूल झुंझुनूं में (28) हैं। जयपुर में भी 184 स्कूल एकल शिक्षकों के भरोसे ही चल रहे हैं।

स्कूल में 35 बच्चे, लटका मिला ताला
शहर की वीआइपी सड़क जेएलएनमार्ग से महज सौ मीटर दूर मोतीडूंगरी मंदिर के पास स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल, मोती डूंगरी में केवल एक शिक्षक है। शनिवार को राजस्थान पत्रिका की टीम दोपहर 11.30 बजे पहुंची, तो यहां ताला लटका मिला। स्कूल के मुख्य द्वार के अंदर लगे बोर्ड पर बच्चों की संख्या लिखी थी।

जिसके अनुसार स्कूल में 35 बच्चे हैं। पहली से पांचवी तक कक्षा वाले इस स्कूल में सर्वाधिक बच्चे पहली कक्षा में हैं। आस-पास के दुकानदारों ने बताया कि कभी स्कूल खुलता है, कभी नहीं खुलता। यहां एक ही टीचर है। उनके छुट्टी पर होने के कारण बच्चों की भी छुट्टी हो जाती हैं। यानी कि स्कूल में अघोषित अवकाश ही रहता है।

खुले में चल रहे 167 स्कूल
प्रदेश में आज भी 167 स्कूल ऐसे हैं जिनके पास भवन नहीं है। ये स्कूल सड़क पर या पेड़ के नीचे खुले में चल रहे हैं। वहीं, 563 स्कूलों के पास केवल एक ही कमरा है।

तीन वर्षों में संख्या में नहीं आई ज्यादा कमी
2017-18-------- 9008
2016-17--------- 11461
2015-16--------- 11443

एकल शिक्षक स्कूल वाले टॉप-5 जिले
बाड़मेर -------1637
उदयपुर------- 740
डूंगरपुर------- 475
जालौर -------446
बीकानेर------ 380
*साल 2017-18 में