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इतना कमजोर नहीं था चेतन, आत्महत्या साबित करने की साजिश में जुटी पुलिस

नाहरगढ़ पर 24 नवम्बर को फंदे से लटके मिले चेतन के मामले में पुलिस का नतीजे तक नहीं पहुंचना रविवार को परिवार और समाज के लोगों में आक्रोश बढ़ा गया।
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जयपुर

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kamlesh sharma

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Updated: 27 Nov 2017, 7:56 AM IST

Nahargarh incident Chetan

Nahargarh incident Chetan

जयपुर। नाहरगढ़ पर 24 नवम्बर को फंदे से लटके मिले चेतन के मामले में पुलिस का नतीजे तक नहीं पहुंचना रविवार को परिवार और समाज के लोगों में आक्रोश बढ़ा गया। परिवार-समाज के लोगों ने प्रदर्शन कर जाम लगा दिया। वहीं चेतन की पत्नी, पिता सहित अन्य परिजनों ने आरोप लगाए कि राजनीतिक दांव-पेच में उलझकर पुलिस न सिर्फ सच छुपा रही है बल्कि इसे आत्महत्या साबित करने की साजिश में जुटी है। चेतन ने आत्महत्या नहीं की, उसकी हत्या हुई है। सरकार इसकी सीबीआई से जांच कराए।

पत्नी ने कहा, लोन बीच में कहां से आया
तीये की बैठक के दौरान चेतन की पत्नी निर्मला (नीतू) रुंधे गले से बोली, सब लोग मेरा साथ दें, पति की हत्या करने वालों को सजा दिलवाएं। पुलिस की कर्ज की कहानी सही नहीं है। लोन की किस्तें समय पर चुकाई जा रही थीं। आत्महत्या का प्रश्न ही नहीं उठता। निर्मला ने कहा, हम लोग हत्या की रिपोर्ट लिखवाने थाने गए थे। पुलिस ने यह कहकर लौटा दिया कि रिपोर्ट दर्ज हो गई है। बाद में पता चला कि पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की ही नहीं है।

एक अधिकारी ने किया जांच को गुमराह
चेतन के ताऊ ग्यारसीलाल ने कहा, पुलिस तो बरत ही रही है, आत्महत्या करार देने के पीछे एक पुलिस अधिकारी साजिश रच रहा है। वह सभी को गुमराह कर रहा है। सरकार उसे निलम्बित करे और सीबीआई से प्रकरण की जांच कराए। परिजनों ने कहा, चेतन अकेला और खाली हाथ नाहरगढ़ गया था। खुद पुलिस यह मान रही है। फिर नाहरगढ़ पर रस्सी कहां से आई, कौन वहां लेकर पहुंचा, पुलिस को इसका जवाब देना चाहिए।

टूटा सब्र, लगाया जाम
घटना के तीसरे दिन परिवार और समाज के लोगों का सब्र टूट गया। आक्रोशित लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारे लगाते हुए पंचमुखी हनुमान मंदिर फूटा खुर्रा पर जाम लगा दिया। इससे वाहनों की कतारें लग गईं। बाद में कोतवाली एसीपी सुमित कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने समझाइश कर रास्ता खुलवाया।

तीये की बैठक के बाद चेतन की पत्नी नीतू की तबीयत खराब हो गई। बेहोशी की हालत में उसे कांवटिया अस्पताल ले जाया गया। वहां ग्लूकोस चढ़ाया गया और करीब दो घन्टे ऑब्जर्वेशन में रखा गया।

पिता बोले, कारण कर्ज होता तो मैं मरता
नीतू की तबीयत बिगड़ी तब उसके दोनों बच्चे बिलखते रहे। चेतन की मां राधादेवी और पिता महावीर सैनी ने कहा, उनके 4 बेटे और एक बेटी हैं। चारों शादीशुदा हैं। बेटी की शादी इसी साल अप्रेल में की है। छोटी सी छोटी भी परेशानी आती है तो सब मिलकर दूर करते हैं। बेटी की शादी में 9 लाख रुपए का कर्ज लिया था।

कर्ज से ही परेशानी होती, मरना ही होता तो आत्महत्या मैं करता। पिता महावीर ने कहा, मेरा बेटा बहुत मजबूत इरादों वाला था, वह आत्महत्या नहीं कर सकता। दादा-दादी की यह बात सुनकर पास बैठा चेतन का पुत्र यश और बेटी कोमल बिलख पड़े।

&मामले में पुलिस अपना काम कर रही है। कई टीमें जांच में जुटी हैं। अभी कुछ बताया नहीं जा सकता।
सत्येन्द्र सिंह, पुलिस उपायुक्त-उत्तर

&समाज के लोगों के रास्ता रोकने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। समझाइश के बाद रास्ता खुलवा दिया गया।
सुमितकुमार, एसीपी, कोतवाली