6 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सेंट्रल आईबी की रिपोर्ट नहीं आई अटक सकती है नागरिकता

एलटीवी की रिपोर्ट भी नहीं मिली , नागरिकता के 64 मामले हैं पेंडिंग, पाक के अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों को भारतीय नागरिकता के संबध में लगा कैम्प

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

MOHIT SHARMA

May 31, 2018

Pakistanis living in Rajasthan not get Indian Citizenship

Pakistanis living in Rajasthan not get Indian Citizenship

जयपुर। पाक के अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों को भारतीय नागरिकता के संबध में कैम्प आज कलक्ट्रेट में लगाया गया, लेकिन सुबह तक जिला प्रशासन के पास इन सदस्यों की सेंट्रल आईबी से रिपोर्ट नहीं आई। ऐसे में इनकी नागरिकता का मामला अटक सकता है। गौरतलब है कि राज्य में रह रहे पाकिस्तान के संख्यक समुदाय के 64 लोगों ने भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया है।
राज्य में रह रहे पाकिस्तान के अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों को भारतीय नागरिकता दिए जाने के संबंध में एकल खिड़की पर कैम्प लगाया गया। सुबह से ही लोग नागरिकता लेने के लिए कैंप में पहुंच गए। नागरिकता नहीं मिलने से लोगों को निराशा हुई। करीब 10—15 साल से लोग नागरिकता के लिए हर साल आवेदन कर रहे हैं, लेकिन दस्तावेज पूरे नहीं होने से उन्हें नागरिकता प्राप्त करने में सफलता नहीं मिली।
पिछले दिनों गृह मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में दिए गए निर्देशों के क्रम में इस विशेष कैम्प का आयोजन किया गया। नागरिकता के लिए लोंग टर्म वीजा भी स्टेट सीआईडी से लोगों को नहीं मिला। ऐसे में यदि इन्हें दोपहर तक भी एलटीवी और सेंट्रल आईबी की रिपोर्ट नहीं मिली तो भारतीय नागरिकता मिलने का सपना अधूरा रह सकता है।
कैंप के समग्र प्रभारी अतिरिक्त जिला कलक्टर (दक्षिण) हरिसिंह मीना ने बताया कि अभी तक रिपोर्ट नहीं मिली है। सेंट्रल आईबी और लोंग टर्म वीजा के बिना नागरिकता नहीं दी जा सकती।

सालों से लगा रहे चक्कर

केसर देवी ने बताया कि 2004 में भारत आए थे, तभी से नागरिकता के लिए आवेदन कर रहे हैं, लेकिन हर बार दस्तावेज पूरे नहीं होने का हवाला देकर नागरिकता नहीं दी रहा है। केसर ने बताया कि अधिकारी यह कहकर भेज देते हैं कि आप इस योग्य नहीं हैं।
ऐसा ही मामला हेतराम ने बताया। हेतराम ने बताया कि वे भी 13 साल से चक्कर लगा रहे हैं। गृहमंत्रालय से रिपोर्ट नहीं आने से मामला अटका पड़ा है।
2013 में आई अगरा ने बताया कि नागरिकता के लिए एप्लाई किया है। अब सरकार के चक्कर लगा—लगाकर परेशान हो गए हैं। सरकार को नागरिकता दे देनी चाहिए।

नहीं आई रिपोर्ट
सेंट्रल आईबी की रिपोर्ट नहीं आई है 50 लोगों की एलटीवी की रिपोर्ट भी नहीं आई है अन्य दस्तावेज भी पूरे नहीं हैं। मैंने दो बार विदेश मंत्रालय में बात भी की है।
सिदृार्थ महाजन, जिला कलक्टर