अनुमति 200 की, जुटे हजार से ज्यादा
पहली लहर के बाद विवाह समारोह में आमंत्रित अतिथियों की संख्या अधिकतम 200 ही रखी गई थी। लोग, सरकार और प्रशासन पहली लहर का गम जैसे भूल ही गए। अनुमति से अधिक कहीं एक हजार तो कहीं-कहीं तो 2-2 हजार लोग शादियों में शामिल हुए। उन पर न तो कोई बड़ी कार्रवाई हुई और न ही आयोजनों को रोकने के किसी प्रशासनिक अधिकारी ने प्रयास किए।