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Panchayat-Nikay Elections: हाईकोर्ट की डेडलाइन आज पूरी, चुनाव अगले साल तक टले तो आयोग की मुश्किलें बढ़ना तय

Rajasthan Panchayat Elections 2026: राजस्थान में पंचायत-निकाय चुनाव के लिए हाईकोर्ट की डेडलाइन बुधवार को पूरी हो जाएगी। चुनाव इस साल नहीं हुए तो मतदाता सूचियों के लिए राज्य निर्वाचन आयोग की तैयारी धरी रह जाएगी, उसे नए सिरे से मतदाता सूचियां बनानी होंगी।
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जयपुर

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Anand Prakash Yadav

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Updated: 15 Apr 2026, 9:07 AM IST

पत्रिका फाइल फोटो

पत्रिका फाइल फोटो

Rajasthan Panchayat Elections 2026: राजस्थान में पंचायत-निकाय चुनाव के लिए हाईकोर्ट की डेडलाइन बुधवार को पूरी हो जाएगी। चुनाव इस साल नहीं हुए तो मतदाता सूचियों के लिए राज्य निर्वाचन आयोग की तैयारी धरी रह जाएगी, उसे नए सिरे से मतदाता सूचियां बनानी होंगी। राज्य सरकार ने भी चुनाव टलवाने के लिए प्रार्थना पत्र हाईकोर्ट में पेश कर दिया है।
हाईकोर्ट ने 14 नवम्बर 2025 को आदेश दिया था कि पंचायत-निकाय चुनाव के लिए 31 दिसंबर 2025 तक परिसीमन प्रक्रिया पूरी कर ली जाए और 15 अप्रेल तक चुनाव करा लिए जाएं।

आज पूरी हो रही डेडलाइन

बुधवार को हाईकोर्ट की डेडलाइन पूरी हो रही है, हाईकोर्ट से पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की अवमानना याचिका पर राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह व राज्य निर्वाचन आयोग सचिव राजेश वर्मा को नोटिस जारी हो चुके हैं। राज्य सरकार ने भी चुनाव टलवाने के लिए प्रार्थना पत्र हाईकोर्ट में पेश कर दिया है, जिसमें कहा है कि दिसम्बर 2026 तक सभी पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल पूरा हो जाएगा। प्रार्थना पत्र में एक अप्रेल 2026 से 10 जनवरी 2027 तक चुनाव नहीं कराने के 8 कारण भी गिनाए हैं।

उधर, चुनाव प्रक्रिया के जानकारों का कहना है कि मतदाता सूचियों का नियमित अपडेशन होता है। ऐसे में पंचायतों व निकायों के चुनाव अगले साल हुए तो मतदाता सूचियों में एक जनवरी 2027 को 18 साल के होने वालों के नाम भी जोड़ने होंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने फरवरी 2026 में ग्रामीण मतदाता सूचियों को अंतिम रूप दिया, वहीं शहरी मतदाता सूचियों को अंतिम रुप देने की डेडलाइन 22 अप्रेल व 8 मई 2026 है।

चुनाव के लिए राज्यपाल-राष्ट्रपति दखल दें: गहलोत

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पंचायत-निकाय चुनाव में देरी को लेकर कहा कि इसमें तो राष्ट्रपति और राज्यपाल को हस्तक्षेप करना चाहिए। चुनाव समय पर होने चाहिए थे, वरना इस सरकार को सत्ता में रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।

पूव्र सीएम अशोक गहलोत ने अपने सिविल लाइंस आवास पर मीडिया से बातचीत में कहा कि चुनाव तो डॉ. भीमराव आंबेडकर साहब के संविधान का पार्ट है। अगर उनमें विश्वास होता तो आज पंचायत-निकाय चुनाव भी होते। आज ये तमाम संस्थाओं को बर्बाद कर रहे हैं, जबकि जब सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट कह चुका है कि चुनाव करवाने पड़ेंगे। अपेल की तारीख दे दी, फिर भी चुनाव नहीं कराए।

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