
नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया सही बता पटवार भर्ती प्रक्रिया में देरी पर जताया विरोध
जयपुर। पटवारी भर्ती परीक्षा के परिणाम को लेकर विवाद शुरू हो रहा है। मंगलवार को पटवारी भर्ती परीक्षा के चयनित अभ्यर्थियों ने अधीनस्थ बोर्ड पहुंचकर विरोध जताया। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती परीक्षा का परिणाम सही तरीके से जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि परिणाम नियमानुसार नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया के तहत जारी किया गया है। यह उच्च न्यायालय की ओर से अनुमोदित वैधानिक सूत्र हैं। चौथी पारी के अभ्यर्थी बेवजह परिणाम का विरोध कर रहे हैं। ऐसे में बोर्ड को भर्ती प्रक्रिय्रा जारी रखनी चाहिए। अभ्यर्थियों ने कहा कि अगर बोर्ड की ओर से प्रक्रिया में देरी की गई तो आंदोलन किया जाएगा। बता दें कि 23 और 24 अक्टूबर को दो चरण में हुई थी। इस परीक्षा में 10 लाख 41 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे। जिसका परिणाम 25 जनवरी को जारी किया गया था। लेकिन परिणाम जारी होने के बाद से ही नॉर्मलाइजेशन कि मांग को लेकर विरोध शुरू हो गया है। ऐसे में कुछ छात्र जहां भर्ती परीक्षा रद्द कर नए सिरे से परीक्षा कराने कि मांग कर रहे है। वहीं चयनित अभ्यर्थी जारी परिणाम को ही लागू कर नियुक्ति देने कि मांग कर रहे हैं।
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल
कला और संस्कृति पर होगी चर्चा
जयपुर। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का आगाज 5 से 14 मार्च तक होगा। इस साल भी फेस्ट में कला और संस्कृति से जुड़े कई सेशन होंगे। भरतनाट्यम की दिग्गज सोहिनी रॉयचौधरी और विविध भारतीय शास्त्रीय नृत्यों ओडिसी, मणिपुरी, मयूरभंज और सेरिकेल्ला छाउ..की प्रसिद्ध नृत्यांगना शेरॉन लोवेन का साथ देंगी जानी मानी संगीत और नृत्य आलोचक मंजरी सिन्हा। सत्र में श्रृंगार पर चर्चा करते हुए वह उसके विविध पहलुओं की जानकारी देंगी।
टीमवर्क आट्र्स के मैनेजिंग डायरेक्टर संजॉय के रॉय के साथ चर्चा करते हुए ठाकोर, मेनन और लाहिरी थिएटर के सार, उसके जादू को सामने लाने की कोशिश करेंगी। एक अन्य सत्र में रॉय सबके पसंदीदा भारतीय गायक और संगीतकार रेमो फर्नांडिस से भी म्यूजिक, आर्ट, राइटिंग और गोवा के बारे में बात करेंगे।
फेस्ट के को.डायरेक्टर विलियम डेलरिम्पल के साथ चर्चा में कला इतिहासकार बीएन गोस्वामी अपनी किताब कन्वर्सेशन के माध्यम से इंडिया और साउथ एशिया की कला पर प्रकाश डालेंगे। एक अन्य सत्र मुगल पोट्र्रेचर: प्रेजेंस एंड एब्सेंस में कला इतिहासकार अर्सला वीकस लेखिका और इतिहासकार यशस्वनी चंद्रा के साथ संवाद करेंगी।
फेस्टिवल के एक सत्र में मानव शरीर की कामुक आकांक्षा और मूलभूत आवश्यकता पर बात होगी। लेखक, कमेंटेटर और वैस्कुलर सर्जन अम्बरीश सात्विक मानव प्रजाति के सन्दर्भ में नग्नता और उघड़े बदन के बीच के फर्क पर बात करेंगे। प्रसिद्ध लेखिका क्यूरेटर और इतिहासकार अलका पांडे अपने काम के माध्यम से कामुकता का वर्णन करेंगी। लेखक, पटकथाकार और कार्यकत्र्ता फार्रुख ढोंडी अपने निजी और व्यवसायिक जीवन से कई अनुभवों को बयां करेंगे।
Published on:
01 Feb 2022 08:43 pm
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