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जयपुर। कोरोना संक्रमण के चलते देशभर में लॉक डाउन लागू है और अत्यावश्यक सेवाओं के अधिकारियों,कर्मचारियों को बिना पूर्व अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ने के लिए पाबंद किया गया है। दूसरी तरफ जलदाय विभाग सिटी सर्कल में मेहंदी का चौक जलदाय चौकी पर कार्यरत कनिष्ठ अभियंता लॉक डाउन के पहले चरण से लेकर बीते 10 अप्रैल तक कार्यालय से गायब रही। बीते बुधवार को वापस जब कनिष्ठ अभियंता ड्यूटी पर लौटी तो ड्यूटी की बजाय सबसे पहले उन्होने मार्च माह के उपस्थिति रजिस्टर में हाजिरी दर्ज करने की कारस्तानी कर डाली। मामले में अब विभाग के अफसर लीपापोती करने में जुटे हैं।
जानकारी के अनुसार मेहंदी का चौक जलदाय चौकी पर कार्यरत कनिष्ठ अभियंता सरिता गुर्जर लॉक डाउन के पहले चरण से ही ड्यूटी पर नहीं आई। ना ही उन्होने इसकी कोई पूर्व सूचना आलाधिकारियों को दी। सहायक अभियंता रामस्वरूप निम्हेल का कहना है कि कनिष्ठ अभियंता के किसी परिजन की मौत होने के कारण वह ड्यूटी पर नहीं आई लेकिन जब उनसे अवकाश की कोई सूचना को लेकर सवाल पूछा तो उन्होने इससे इंकार कर दिया। हालांकि उन्होने कनिष्ठ अभिंयता के बारे में बुधवार को ड्यूटी पर लौटने की बात कही।
सूत्रों की मानें तो कनिष्ठ अभियंता सरिता गुर्जर ने बीते मार्च माह के उपस्थिति रजिस्टर में बुधवार को हस्ताक्षर किए हैं। जबकि अप्रैल माह के रजिस्टर में बीते दस अप्रैल तक की अवधि में सीधी लाइन खींची गई है। ऐसे में अब सवाल खड़े हो रहे हैं कि जब सभी अत्यावश्यक सेवाओं के अधिकारियों कर्मचारियों के अवकाश निरस्त हैं और बिना अनुमति उन्हे मुख्यालय नहीं छोड़ने के लिए पाबंद किया गया है तो ऐसे में किसकी अनुमति से कनिष्ठ अभियंता ड्यूटी से नदारद रही।
गौरतलब है कि पूर्व में विभाग ने बारां के अधिशाषी अभियंता को बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने के आरोप में निलंबित किया। ऐसे में अब यह बड़ा सवाल है कि राजधानी जयपुर में ही विभाग के अफसर अपनी ड्यूटी को लेकर कितने गंभीर है।
Published on:
16 Apr 2020 10:58 am
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