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PICS: … ताकि आपकी दिवाली हो रोशन, सलाखों के पीछे रहकर महिला बंदी तैयार कर रहीं उत्पाद

जेल प्रशासन की मानें तो हर साल जेल में तैयार होने वाले माल की कीमत 7 करोड़ रुपए से भी ज्यादा की होती है। इसे कई माध्यमों से बेचा जाता है।

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Nakul Devarshi

Oct 10, 2016

आपकी दिवाली शुभ और जगमग हो इसके लिए महिला बंदी सलाखों के पीछे तैयारियों में जुटी हुई हैं। महिला बंदी मन लगाकर दिनभर दिवाली से सम्बंधित उत्पादों को बना रहीं हैं।

जयपुर सेन्ट्रल जेल में ये महिला बंदी मिट्टी के दीपक, हैंडमेड पेपर बैग, हैंडमेड पेपर से बने दिवाली ग्रीटिंग कार्ड, पैकिंग में मसाले और अन्य सामान बड़ी शिद्दत के साथ बनाने में जुटी हुई हैं।

महिला जेल अधीक्षक मोनिका अग्रवाल ने बताया कि वैसे तो पूरे साल ही जेल में महिला बंदियों के पास काम रहता है लेकिन अभी दिवाली के समय चहल-पहल ज्यादा ही रहती है। लोग भी बंदियों के हाथ से बने सामान को खरीदते हैं इससे इनका मनोबल बढ़ता है।

जेल प्रशासन की मानें तो हर साल जेल में तैयार होने वाले माल की कीमत 7 करोड़ रुपए से भी ज्यादा की होती है। इसे कई माध्यमों से बेचा जाता है।

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