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PM Modi Rajasthan Visit: पीएम मोदी से दूसरी मुलाकात में उम्मीदें खास, तो सौगातों की है आस

PM Modi Rajasthan Visit: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं जो अपने कार्यकाल में दूसरी बार अजमेर आ रहे हैं। नौ साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद देश में पहला जनसंवाद व महा जनसभा भी अजमेर में कर रहे हैं।

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PM Modi Rajasthan Visit

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PM Modi Rajasthan Visit: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं जो अपने कार्यकाल में दूसरी बार अजमेर आ रहे हैं। नौ साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद देश में पहला जनसंवाद व महा जनसभा भी अजमेर में कर रहे हैं। ऐसे में काफी संभावनाएं हैं कि तीर्थराज पुष्कर व अजमेर की धरा से देश को संदेश भी देने की कोशिश करेंगे। ऐसे में अजमेर संभाग भी कई उम्मीदें लगाए बैठा है। अजमेर सहित संभाग के चारों जिलों एवं राजस्थान की कई ऐसी जरूरतें हैं जिन पर केंद्र सरकार अगर गौर करे तो यहां के विकास में और तेजी आएगी। पार्टी स्तर पर राजस्थान में चुनावी आगाज के लिए अजमेर को चुने जाने से यहां की जनता को केंद्र सरकार से उम्मीदें और बढ़ गई हैं।

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उम्मीदें हैं खास

नागौर को हवाई सेवा से जोड़ा जाए मेड़ता, डीडवाना व परबतसर में केन्द्रीय विद्यालय खोले जाएं। मेड़ता-पुष्कर रेल लाइन के काम की स्वीकृति मिले। पान मैथी को जीआई टैग दिया जाए। नागौर पान मैथी को जीआई टैग दिया जाए। नागौर में जीरा, मैथी, ईसबगोल, मूंग आदि की ब्रांडिंग के लिए फूड पार्क विकसित किया जाए।

इन उत्पाद को मदद की दरकार : जिले में गलीचा व चटाई उद्योग को बढ़ावा देने की जरूरत है। केन्द्र सरकार की ओर से इस प्रमुख उत्पाद की आर्थिक मदद व इसकी मार्केटिंग की योजना बनाने की जरूरत है। इसके अलावा यहां पर केन्द्रीय सरसों अनुसंधान केन्द्र खोलने की मांग भी लम्बित है। नागौर के औजार उद्योग को प्रोत्साहन दिया जाए।

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यह घोषणा अधूरी
मेड़ता- पुष्कर रेल लाइन की घोषणा 10 साल से अधूरी है। शहर में बीकानेर रेलवे फाटक पर निर्माणाधीन आरओबी साढ़े पांच साल से अधूरा पड़ा है।

बनारस-उज्जैन की तर्ज पर बने पुष्कर कॉरिडोर
बनारस में काशी विश्वनाथ और उज्जैन में महाकाल मंदिर की तर्ज पर तीर्थनगरी पुष्कर में भी कॉरिडोर की जरूरत है। केन्द्र सरकार इसके लिए स्वीकृति दे, प्लान बनाए। हालांकि राज्य सरकार ने पुष्कर विकास के लिए 500 करोड़ स्वीकृत किए हैं।

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तारागढ़ पर कैफेटेरिया-टूरिज्म
तारागढ़ किले पर ब्रिटिशकाल का 18वीं शताब्दी का रेलवे क्वार्टर बना है। दिसंबर 2022 में आरटीडीसी ने इसे लीज पर लेने के लिए रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र भेजा गया। तारागढ़ किला देश का प्रमुख पर्यटन केंद्र बन सकता है।

शैक्षिक नगरी को बड़े संस्थान का इंतजार
अजमेर चौहानकाल- ब्रिटिशकाल से शैक्षिक नगरी रही है। प्राचीन संस्कृत विद्यालय से लेकर मिशनरी, आर्य समाज और सरकारी-निजी संस्थानों ने पहचान बनाई है। पीएम नरेंद्र मोदी अजमेर में आईआईटी, आईआईएम, एम्स अथवा राष्ट्रीय स्तर का संस्थान बना सकते हैं। ताकि अजमेर फिर से शिक्षा नगरी का स्वरूप ले सके।

रेलवे सेवा का हो विस्तार
अजमेर- पुष्कर-मेड़ता रेलवे लाइन बिछाने का काम जल्द शुरू हो ताकि जोधपुर, बीकानेर की कनेक्टिविटी बढ़ सके। सवाईमाधोपुर, कोटा- अजमेर रेलवे लाइन को हरी झंडी मिले। मेट्रो ट्रेन भी मिले।

बढे़ं किशनगढ़ से हवाई सेवाएं
किशनगढ़ एयरपोर्ट अपग्रेड हो, हवाई सेवाओं का विस्तार हो। ताकि अजमेर शहर की देश के विभिन्न शहरों और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स से कनेक्टीविटी बढ़े।

सोहन हलवा, मालपुए को मिले पहचान
अजमेर का सोहन हलवा और पुष्कर के मालपुए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। ग्लोबल मार्केट में इसकी ब्रांडिंग के लिए जीआई टैग की जरूरत है।