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PM Modi Rajasthan Visit: यहां जानें पीएम मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें

PM Modi Jhunjhunu Rajasthan Visit: मोदी ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' को राष्ट्रीय स्तर पर आगाज़ किया। राष्ट्रीय पोषण मिशन का भी उद्घाटन किया

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जयपुर/ झुंझुनूं।


- बेटी बोझ नहीं बल्कि पूरे परिवार की आन-बान-शान हैं


- मैं सभी से अपील करूंगा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को लेकर जन आंदोलन बनाना होगा, हमें एक सामाजिक आंदोलन खड़ा करना पड़ेगा


- वेद से विवेकानंद वाले इस देश में वो कौन सी बुराई घर कर गई कि आज हमें अपने ही घर में बेटी बचाने के लिए हाथ-पैर जोड़ने पड़ रहे हैं, बजट से पैसा खर्च करना पड़ रहा है


- जन्म के समय मां का दूध मिले, तो पोषण मिलता है लेकिन इसे भी नकारा जाता है, कुल मरने वाले बच्चों में से,हाथ न धोने से मारने वाले बच्चे 30 फीसदी


- सरकारी बजट से होने वाले काम नहीं, यह काम शिक्षा से होगा, हर सरकार में योजना बनती, लेकिन कैलोरी पेट में जाये उतना पर्याप्त नहीं, लेकिन इको सिस्टम ठीक करना होगा, खाने के साथ पानी भी सही होना चाहिए, बाल विवाह भी कुपोषण का कारण


- मैंने ऐसे परिवार देखे जहां बूढ़े मां बाप हो, 4 बेटे हो, कार हो लेकिन देखभाल नहीं हो,ऐसे परिवार भी जहां बेटियां काम करके,मां-बाप की करती है सेवा


- 3 महिला वैज्ञानिकों की उपलब्धि देखते' जब झुंझनूं की बेटी फाइटर प्लेन चलाती,तो बेटियों की ताकत पता चलती है


- हर परिवार का संकल्प ही सफलता का कारण, 18वीं सदी में मारते थे बेटी को, आज हम उससे भी बुरे लगते हैं, क्योंकि तब सांस लेने का अवसर मिलता, आज तो मां के पेट में ही हत्या कर दी जाती है, इससे बुरा कोई पाप नहीं हो सकता


- हरियाणा में हमने कार्यक्रम किया,जहां तकलीफ वहीं से करूंगा शुरू,उन्होंने 2 वर्षों में जो सुधार किया,'देश के सभी जिलों में अब यह योजना लागू


- जब तक एक-एक परिवार जुड़ता नहीं है, इस काम को ज्यादा समय लगेगा,हमें एक सामाजिक,जनआंदोलन खड़ा करना होगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आज राजस्थान के झुंझुनूं जिले में महत्वकांक्षी योजना 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की घोषणा करेंगें। साथ ही साथ वे मरुधरा से ही बहु प्रतीक्षित राष्ट्रीय पोषण मिशन का भी उद्घाटन करेंगे।

इस अवसर पर 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' योजना को पूरे देश में लागू करने की घोषणा भी की जाएगी। फिलहाल यह योजना 161 जिलों में लागू है जिसे सभी 640 जिलों में लागू किया जाएगा। इस अवसर पर मोदी 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' योजना से लाभ लेने वाली माताओं और लड़कियों से भी बातचीत करेंगे और इस योजना में बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों को सम्मानित करेंगे।

तय कार्यक्रम के अनुसार वे राष्ट्रीय पोषण मिशन एवं समेकित बाल विकास योजना के एक ऐप का लोर्कापण भी करेंगे। वित्त वर्ष 2018-19 के आम बजट में 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' योजना के लिए आवंटन 200 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 280 करोड़ रुपए करने का प्रावधान किया गया है। राष्ट्रीय पोषण मिशन के लिए आवंटन 950 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 3000 करोड़ रुपए कर दिया गया है।

सात माह में पीएम मोदी का तीसरा राजस्थान दौरा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सात माह में यह तीसरा राजस्थान दौरा है। इस साल राजस्थान में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं और ऐसे में मोदी के दौरे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। हालांकि, मोदी के लिए यह चिंता का विषय ही होगा कि जब वे बाड़मेर आकर गए तो राजस्थान में भाजपा उपचुनाव हार गई और अब जब झुंझुनूं आ रहे हैं तो एक दिन पहले पंचायत चुनावों में पार्टी को कांग्रेस के मुकाबले कम सीटें मिली हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सबसे पहले अगस्त के अंतिम सप्ताह में उदयपुर आए थे और वहां प्रदेश को 15 हजार करोड़ रुपए की सड़कों की सौगात दी। उनको सुनने भारी संख्या में भीड़ आई। इसके बाद वे बाड़मेर आए और रिफायनरी का कार्य शुभारम्भ किया। वहां भी बड़ी संख्या में भीड़ जुटाई गई। दोनों ही जगह मोदी का क्रेज भी दिखाई दिया, लेकिन यह क्रेज प्रदेश में हुए उप चुनावों में नहीं दिखा और भाजपा लगातार चुनाव हार रही है।

अब वे झुंझुनूं आ रहे हैं। यहां भी बड़ी संख्या में भीड़ जुटाने का काम चल रहा है। इस दौरे के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। राज्य सरकार को सबसे बड़े किसान आंदोलन का कहीं से सामना करना पड़ा है तो वह शेखावाटी ही है। किसानों का कर्ज़ा माफ कर सरकार ने किसानों की नाराजगी दूर तो करने की कोशिश की है।

अब मोदी की सभा होने से सरकार को उम्मीद है कि इससे शेखावाटी क्षेत्र में भाजपा का ग्राफ बढ़ेगा। चुनावों से पहले हर संभाग में जाएंगे मोदी भाजपा से जुड़े सूत्रों की मानें तो पार्टी चुनावों से पहले-पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभा हर संभाग मुख्यालय पर करवाना चाहती है। उदयपुर, जोधपुर संभाग का दौरा हो चुका है। शेखावाटी भी कवर हो जाएगी। बाकी बचे चार संभागों में भी मोदी की सभाएं करवाने की तैयारी की जा रही है, जिससे चुनावों की घोषणा से पहले-पहले मोदी के दौरों का भाजपा को फायदा मिल सके।


सरकार-संगठन ने झौंके संसाधन, आम लोगों को परेशानी तय
प्रधानमंïत्री नरेन्द्र मोदी की गुरुवार को झुंझुनूं में सभा को सफल बनाने के लिए सरकार और भाजपा ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। लाखों की भीड़ जुटाने के लिए करीब एक से डेढ़ हजार बसों को लगाया गया है। बड़ी संख्या में छोटे वाहन अलग से लगाए गए हैं। ऐसे में गुरुवार को प्रदेश के कई इलाकों में आम आदमी को सफर में धक्के खाने पड़ सकते हैं।

चुनावी वर्ष के चलते प्रधानमंत्री मोदी की झुंझुनूं की सभा भाजपा के लिए अहम है। यही वजह है कि इसके लिए सरकार के कई मंत्री एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं।

झुंझुनूं, सीकर और चूरू में लगाईं अधिकांश बसें
सूत्रों के अनुसार झुंझुनूं, सीकर और चूरू में अधिकांश बसों को प्रधानमंत्री की सभा के लिए लगाया गया है। ऐसे में इन तीनों जगह सबसे अधिक समस्या होगी। जयपुर , अलवर के साथ अजमेर और बीकानेर से भी करीब 200 बसों का इंतजाम करने की जानकारी है। ऐसे में लगभग सात से आठ जिलों में परिवहन सेवा चरमराने की आशंका है।

बाजौर ने सुनाई थी खरी-खोटी
बसों को लेकर सैनिक कल्याण सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रेम सिंह बाजौर ने परिवहन मंत्री यूनुस खान को खरी-खोटी सुनाई थी, जिसके बाद मंत्री ने करीब एक हजार बसों का इंतजाम अकेले सीकर में करने का दावा किया था। हालांकि सीकर में करीब 175 बसों को काम में लिया जा रहा है।

जीपों के भरोसे
झुंझुनूं, सीकर और चूरू में तो लोगों को यात्रा करने के लिए जीपें भी नसीब नहीं होंगी। यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी जयपुर-चौमूं-सीकर-झुंझुनूं-चूरू मार्ग पर हो सकती है। झुंझुनूं-नारनोल-बहरोड़, झुंझुनूं-चिड़ावा-खेतड़ी समेत लगभग सभी स्थानीय मार्गों पर वाहनों की कमी रहेगी। जयपुर, अलवर, डीडवाना समेत अजमेर और बीकानेर के ग्रामीण इलाकों में लोगों को निजी जीपों में जान जोखिम में डालकर यात्रा करनी पड़ सकती है।

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लंबी दूरी की बसों को भी पकड़ा
सीकर और झुंझुनूं से लंबी दूरी की बसें भी काफी संख्या में संचालित होती हैं। इनके नहीं चलने से यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इसी तरह के हाल जयपुर में भी देखने को मिल सकते हैं।

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