प्रधानमंत्री माेदी के राजस्थान दौरे को लेकर सौंपी जिम्मेदारियां, सीएम खुद लेंगे तैयारियों का जायजा

प्रधानमंत्री माेदी के राजस्थान दौरे को लेकर सौंपी जिम्मेदारियां, सीएम खुद लेंगे तैयारियों का जायजा

Santosh Kumar Trivedi | Publish: Aug, 17 2017 09:05:00 AM (IST) jaipur

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उदयपुर दौरे के तैयारियों को लेकर बुधवार को केबिनेट की बैठक बुलाई गई।

जयपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उदयपुर दौरे के तैयारियों को लेकर बुधवार को केबिनेट की बैठक बुलाई गई। इसमें सभी मंत्रियों व विधायकों को तैयारियों में जुटने के लिए कहा गया है। मोदी के दौरे से पहले मुख्यमंत्री उदयपुर जाकर तैयारियों का जायजा भी लेंगी।

 

शाम को मुख्यमंत्री निवास पर करीब 2 घंटे चली बैठक में मंत्रियों-विधायकों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय किया गया। साथ ही शुरू होने वाली योजनाओं पर भी चर्चा हुई। उदयपुर रिंग रोड, फ्लाईओवर, सड़क, हैंगिंग ब्रिज और पुलियाओं के करीब 40 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट का प्रधानमंत्री शिलान्यास करेंगे।

 

जानकारी के मुताबिक कार्यक्रम में आने वाली जनता को लेकर भी अलग से जिम्मेदारी दी जा रही है। बैठक में मुख्यमंत्री की ओर से दिए गए निर्देश के आधार पर गुरुवार को सभी जन प्रतिनिधियों को जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी।

 

रिफाइनरी के लिए आज होगा जोइंट वेंचर एग्रीमेंट
बाड़मेर के पचपदरा में रिफाइनरी का काम जल्दी शुरू कराने के लिए गुरुवार को राज्य सरकार और एचपीसीएल के अधिकारियों में जोइंट वेंचर एग्रीमेंट (संयुक्त उद्यम करार) होगा। इसमें संयुक्त रूप से गठित कंपनी एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड के संचालन के लिए शर्तें तय होंगी। अगले एक साल में पूरे किए जाने वाले कार्यों पर भी चर्चा होगी।

 

एग्रीमेंट के दौरान एचपीसीएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक महेन्द्र कुमार सुराणा व डायरेक्टर रिफाइनरी और डायरेक्टर वित्त उपस्थित रहेंगे। राज्य सरकार की ओर से मुख्यमंत्री, खान एवं पेट्रोलियम मंत्री सुरेन्द्रपाल सिंह, सिंचाई मंत्री रामप्रताप सहित राजस्व, पीएचईडी, उद्योग व वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव मौजूद रहेंगे।

 

कार्यक्रम दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री निवास पर होगा। इसमें रिफाइनरी के लिए पानी, बिजली, सड़क सहित अन्य सुविधाएं जल्द राज्य सरकार की ओर से मुहैया कराने पर भी बातचीत होगी। जोइंट वेंचर एग्रीमेंट के बाद केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की प्रक्रिया तेज होगी। उल्लेखनीय है कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राज्य सरकार इस प्रोजेक्ट को मौके पर जल्द शुरू कराने में जुटी है।

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