4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बुराड़ी कांड में नारायणी देवी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सुलझ गई पूरी घटना की गुत्थी, सामने आया सामूहिक मौत का सच

www.patrika.com/rajasthan-news/
2 min read
Google source verification

जयपुर

image

rohit sharma

Jul 13, 2018

जयपुर/चित्तौडग़ढ़

दिल्ली में चित्तौडग़ढ़ के सावा के एक ही परिवार के सामूहिक मौत का रहस्य लगभग सुलझ सा गया है। परिवार के 10 सदस्यों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद अब परिवार के 11 वे सदस्य यानि नारायणी देवी की भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ चुकी है। रिपोर्ट में मामले को लेकर बेहद अहम खुलासा हुआ है।

रिपोर्ट के मुताबिक नारायणी देवी की मौत का कारण भी फांसी ही है। रिपोर्ट के मुताबिक 10 सदस्यों की तरह ही नारायणी देवी की मौत फांसी पर लटकने से हुई है। अब मसला ये है की जहां 10 सदस्यों के शव फंदे से लटक रहे थे, जबकि नारायणी देवी का शव मकान के दूसरे कमरे में फर्श पर पड़ा हुआ था।

पुलिस के अनुसार नारायणी देवी समेत भाटिया परिवार के सभी 10 सदस्यों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार ये आत्महत्या का ही मामला है। पुलिस ने मामले को हत्या न मानते हुए आत्महत्या ही माना है साथ ही बताया कि परिवार के कुछ लोगों के शवों फर किसी भी तरह के चोट के कोई निशान नहीं पाये गये हैं सिर्फ शवों पर कुछ खरोचें पाई गई है।

गौरतलब है कि दिल्ली के बुराड़ी के संत नगर इलाके में 1 जुलाई को एकसाथ एक ही मकान में 11 शव मिलने से सनसनी फ़ैल गई थी। जहां भाटिया परिवार के 10 सदस्यों के शव फंदे से लटके हुए मिले थे और नारायणी देवी का शव घर के ही कमरे में पड़ा मिला था।

बुराड़ी मामले में परिवार के 11 लोगो चौंकाने वाली रिपोर्ट ही सामने आई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक देखा जाए तो बुराड़ी कांड मामले की मिस्ट्री से लगभग पर्दा उठ गया है। बुराड़ी मामले की जांच कर रही टीम को मंगलवार को परिवार के 11 सदस्यों में से 10 लोगों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल गई थी और अब 11 वे सदस्य की रिपोर्ट भी मिल गई है। सभी रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि सभी 11 लोगों की मौत की वजह फांसी है। किसी भी सदस्य की रिपोर्ट में विषाक्त पदार्थ नहीं मिला है। साथ ही रिपोर्ट में सामने आया है कि कुछ लोगो की गर्दन की हड्डी भी टूटी मिली है।

इस मामले में कुछ दिनों पहले एक गुड्डी नाम का किन्नर भी हिस्सा बन गया था। जिसने भाटिया परिवार को लेकर कई बातें मीडिया के सामने खोली थी। किन्नर गुड्डी ने एक मीडिया ग्रुप को दिए बयान के अनुसार उसने भाटिया परिवार की मौत पर दुःख व्यक्त किया है। साथ ही वह बता रही है कि वह परिवार को बचा नहीं सकी। साथ ही उसने बताया कि उसका भाटिया परिवार में आना जाना था और इसी के साथ ये बात भी सामने आई है की भाटिया परिवार टोने-टोटके पर विश्वास रखता था। परिवार के बड़े बेटे ललित में उसके पिता की आत्मा आती थी इसी के चलते ललित का कही मरघट वाले बाबा के इलाज़ भी चल रहा था। यहां से नारयणी देवी गुड्डी से प्रसाद मंगवाती थी और ललित को देती थी। इन सब बातों से सामने आ रहा है कि परिवार टोने टोटकों पर विश्वास रखता था।