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Rajasthan BJP: लंबे इंतजार के बाद वसुंधरा राजे की पीएम मोदी से मुलाकात, क्या हैं इसके राजनीतिक संकेत?

Rajasthan BJP: राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद सियासी हलचल तेज हो गई।

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पीएम मोदी और वसुंधरा राजे। फोटो: सोशल

जयपुर। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद सियासी हलचल तेज हो गई। दोनों नेताओं के बीच हुई मुलाकात के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। चर्चा है यह भी है कि राजे काफी लंबे समय से प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांग रही हैं, ताकि मंत्रिमंडल और संगठनात्मक भूमिकाओं में अपने समर्थकों को ज्यादा से ज्यादा शामिल करने पर जोर दिया जा सके। प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी आखिरी मुलाकात दिसंबर 2024 में हुई थी।

बता दें कि संसद के मानसून सत्र के बीच सोमवार को संसद परिसर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की मुलाकात हुई थी। दोनों के बीच करीब 20 मिनट तक राजस्थान के सियासी हालात पर चर्चा हुई। साथ ही वसुंधरा राजे ने पिछले दिनों झालावाड़ के सरकारी स्कूल में हुए हादसे की जानकारी भी पीएम मोदी को दी है।

जल्द हो सकता है मंत्रिमंडल विस्तार

राजस्थान में भाजपा को सत्ता में आए 18 महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार नहीं हुआ है। वसुंधरा राजे और फिर सीएम भजनलाल की पीएम मोदी से मुलाकात के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों का इंतजार खत्म हो सकता है।

भजनलाल सरकार के मंत्रिमंडल में 6 पद रिक्त

फिलहाल, भजनलाल सरकार के मंत्रिमंडल में 6 पद रिक्त हैं। वर्तमान में सीएम भजनलाल शर्मा सहित 24 मंत्री है। कयास लगाए जा रहे है कि जल्द ही 6 और नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। वहीं, राजनीतिक पद भी बड़ी संख्या में रिक्त हैं। जिसका भी नेताओं को लंबे समय से इंतजार है।

जाट समुदाय को साधने की चुनौती

राजनीतिक जानकारों की मानें तो राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के सबसे प्रमुख जाट चेहरों में से एक उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे ने राजनीतिक परिदृश्य को और जटिल बना दिया है। उनके जाने से इस प्रभावशाली समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व शून्य पैदा हो गया है।

धनखड़ के इस्तीफे के बाद बीजेपी के सामने जाट समुदाय को साधने की चुनौती है। माना जा रहा है कि पीएम मोदी और वसुंधरा राजे के बीच जाट समुदाय को सत्ता और संगठन में समायोजित करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।

सात महीने बाद हुई थी पीएम मोदी से मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राजस्थान की पूर्व सीएम राजे की मुलाकात वैसे तो सार्वजनिक कार्यक्रमों में होती रहती है, लेकिन करीब सात माह बाद अलग से दोनों की मुलाकात हुई है। इससे पहले पीएम से राजे की 20 दिसम्बर 2024 को नई दिल्ली में मुलाकात हुई थी।