
जयपुर।
किसानों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए भारत सरकार की ओर से हाल ही में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojna) शुरू की है। इसे पीएम किसान योजना के नाम से भी जाना जा रहा है। इधर, राजस्थान में इस योजना का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने भी कवायद शुरू कर दी है।
पीएम किसान योजना के क्रियान्वयन के लिए सरकार ने सहकारिता विभाग को नोडल विभाग तथा रजिस्ट्रार, सहकारिता डॉ. नीरज के पवन को राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। सरकार का दावा है कि उनकी इस कवायद से प्रदेश में लघु एवं सीमान्त किसानों को प्रत्यक्ष संबंधी सहायता आय सुनिश्चित की जा सकेगी।
रजिस्ट्रार, सहकारिता डॉ. नीरज के पवन ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ग्राम सेवा सहकारी समितियों के व्यवस्थापकों को संबोधित करते हुए बताया कि प्रदेश में योजना को पारदर्शी एवं त्वरित ढंग से लागू करने के लिये सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग द्वारा लघु सीमान्त कृषक सेवा पोर्टल बनाया गया है। उन्होंने बताया कि इसे 16 फरवरी, 2019 से एक्टिवेट कर दिया गया है।
ऐसे मिलेगी आर्थिक मदद
योजना भारत सरकार द्वारा शत प्रतिशत वित्त पोषित है तथा पात्र किसान परिवार को एक वर्ष की अवधि में 6 हजार रुपए की प्रत्यक्ष संबंधी सहायता दी जाएगी। यह सहायता राशि दो-दो हजार की तीन किश्तों में दी जाएगी। उन्होंने बताया कि यह राशि आधार आधारित डेटाबेस के माध्यम से किसान के बैंक खाते में सीधे जमा होगी।
डॉ. पवन ने बताया कि योजना के लाभ से कोई भी पात्र लघु एवं सीमान्त किसान परिवार वंचित नहीं रहे और कोई भी अपात्र किसान इसका फायदा न ले सके इसको सुनिश्चित करने के लिये पात्र लाभार्थी से आधार नम्बर लिया जाना अनिवार्य किया गया है। यदि किसी किसान के पास आधार नम्बर नहीं है तो ऎसे किसान आधार के लिए नामांकन कराकर योजना का लाभ ले सकेंगे।
ई-मित्र पर भी सुविधा
योजना का लाभ लेने के लिए किसान को नजदीकी ई-मित्र केन्द्र पर जाकर लघु सीमान्त कृषक सेवा पोर्टल पर अपने आधार संख्या के माध्यम से लोगिन करना होगा तथा स्वयं व भूमि स्वामित्व के बारे में आवश्यक जानकारियां अपलोड करनी होंगी। योजना का लाभ लेने के बारे में भी ई-साइन कर अपनी सहमति देगा।
सभी की ज़िम्मेदारी तय
नोडल अधिकारी ने बताया कि किसान का आवेदन पत्र अपलोड होने पर स्वतः ही संबंधित पटवारी को ऑनलाइन ट्रांसफर होगा। पटवारी किसान के आवेदन पत्र में उल्लेखित सूचनाओं का भू-अभिलेख रजिस्टर से सत्यापित करते हुए तहसीलदार को फॉरवर्ड करेगा। किसान को उसके द्वारा योजना के तहत किए गए आवेदन पर प्रत्येक स्तर पर क्या कार्यवाही की जा रहीे है, के संबंध में एसएमएस के द्वारा सूचित किया जाएगा।
अपील करने की भी व्यवस्था
पटवारी द्वारा किसान के आवेदन की सूचनाओं को सत्यापित नहीं किया जाता है तो उसकी जानकारी भी किसान को एसएमएस द्वारा दी जायेगी। ऎसी स्थिति में किसान असंतुष्ट होने पर 7 दिवस में तहसीलदार के समक्ष अपील कर सकता है।
डॉ. पवन ने बताया कि योजना के क्रियान्वयन में किसान की सहमति के आधार पर उनके आधार संख्या को भू-राजस्व रिकार्ड में भूमि के खाते के साथ लिंक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पोर्टल के माध्यम से किसान से उसके सहकारी समिति के सदस्य होने के स्टेटस तथा फसली ऋण प्राप्त करने की आवश्यकता के संबंध में भी ब्यौरा मांगा गया है ताकि भविष्य में किसानों को उनकी मांग के अनुसार सहकारिता के माध्यम से फसली ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
Published on:
20 Feb 2019 01:22 pm
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