
पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास अल्टीमेटम (फोटो-@PSKhachariyawas)
Jaipur Reshu Gupta Case: राजधानी जयपुर के जगतपुरा इलाके में वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान गर्म पानी से झुलसी मोमोज विक्रेता युवती रेशु गुप्ता का मामला अब पूरी तरह से सियासी रंग ले चुका है। इस घटना को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस लगातार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राज्य सरकार पर हमलावर है। शनिवार को इस मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया, जब पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट सर्किल पर एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
शनिवार शाम करीब 5 बजे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर पहुंचकर जमकर नारेबाजी की। इस दौरान सरकार के प्रति आक्रोश जताते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का पुतला भी फूंका गया। करीब आधे घंटे तक चले इस उग्र प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने सरकार की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े किए और पीड़ित परिवार को तुरंत न्याय देने की मांग की।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने मुख्यमंत्री और उनके सुरक्षा अमले पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के काफिले में चल रहे सुरक्षाकर्मियों ने बर्बरतापूर्वक युवती रेशु गुप्ता का ठेला उलट दिया था, जिससे खौलता हुआ गर्म पानी उस पर गिर गया।
खाचरियावास ने कहा, यह बेहद शर्मनाक है कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी मुख्यमंत्री का काफिला नहीं रुका। अगर मुख्यमंत्री खुद गाड़ी से उतरकर उस पीड़ित बेटी को संभाल लेते, तो राजस्थान की जनता को लगता कि वे प्रदेश की हर बेटी को अपनी बेटी मानते हैं।
खाचरियावास ने घटना की विभीषिका को रेखांकित करते हुए कहा कि सुरक्षाकर्मियों की इस लापरवाही के कारण युवती के निजी अंग तक झुलस गए हैं। उन्होंने दुख जताया कि घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी न तो मुख्यमंत्री और न ही शासन का कोई बड़ा अधिकारी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा है। सरकार की ओर से अब तक पीड़िता को कोई आर्थिक या चिकित्सकीय सहायता नहीं दी गई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अगले 24 घंटे के भीतर रेशु गुप्ता को उचित न्याय, बेहतर इलाज और आर्थिक मुआवजा नहीं मिला, तो कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे।
उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यह कृत्य किसी गुंडे ने नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात कर्मियों ने किया है। अगर सरकार ने जल्द ही दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और पीड़िता की सुध नहीं ली, तो सड़कों पर आर-पार की लड़ाई होगी और इससे उत्पन्न होने वाली कानून-व्यवस्था की स्थिति के लिए सीधे तौर पर भजनलाल सरकार जिम्मेदार होगी।
Updated on:
27 Jun 2026, 10:38 PM IST
Published on:
27 Jun 2026, 10:38 PM IST
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