
जयपुर।
ड्यूटी ड्राबैक आरओएसएल को 13 फीसदी से घटाकर ढाई फीसदी करने से पहले महीने में ही गारमेंट निर्यात गिर गया है। अक्टूबर 2016 में रेडीमेड गारमेंट के 9110 करोड़ के निर्यात के मुकाबले अक्टूबर 2017 में निर्यात 40 फीसदी गिरावट के साथ मात्र 5398 करोड़ रह गया है, जिसका सबसे ज्यादा नुकसान गारमेंट बनाने वाली इकाइयों को हो रहा है।
गारमेंट एक्सपोर्ट एसोसिएशन ऑफ राजस्थान के अध्यक्ष रवि पोद्दार ने कहा...
यह बात गारमेंट एक्सपोर्ट एसोसिएशन ऑफ राजस्थान के अध्यक्ष रवि पोद्दार ने गुरुवार को पत्रकारों को बताई। पोद्दार ने बताया कि पुराने टैक्स स्ट्रक्चर बदलने से इस इंडस्ट्री को भारी नुकसान हुआ है। रिफंड समय से न मिलने के कारण लोगों की कैपिटल मनी कम हो रही है।
राजस्थान में रेडीमेड गारमेंट उद्योग संकट में...
राजस्थान में रेडीमेड गारमेंट उद्योग संकट में आ गया है। जयपुर की गारमेंट इंडस्ट्री में 40 फीसदी तक निर्यात गिर गया है। इससे न सिर्फ कारोबारी परेशान है बल्कि यहां के कामगारों के सामने रोजी रोटी का संकट भी पैदा हो गया है। राजस्थान के रेडीमेड गारमेंट व्यापारी नाखुश हैं और इससे उनके व्यापार पर संकट आ गया है।
राजस्थान के अध्यक्ष रवि पोद्दार ने दिया ये सुझाव...
केन्द्रीय एवं राज्य शुल्कों के पुनर्भरण के वैकल्पिक तंत्रों के बारे में पोद्दार ने कहा कि वस्त्र उद्योग इन हालातों से और बिगड़ जाएं इससे पहले हमारा सुझाव है कि केन्द्रीय एवं राज्य शुल्कों के पुनर्भरण लिए हमने एक वैकल्पिक तंत्र का सुझाव रखा है। हमारी सरकार से यह भी मांग है कि जीएसटी क्रेडिट के साथ ही विभिन्न रोके गए एवं लागू करों को जितना जल्द हो सके पुनर्भरण किया जाए।
Published on:
23 Nov 2017 07:55 pm
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