
डाक्टरों पर भरोसा पड़ा भारी, गर्भवती हो गई चार महिलायें, परिवार में मचा हड़कंप
जयपुर/नर्इ दिल्ली। देशभर में मातृत्व मृत्यु दर (एमएमआर) को कम करने के मकसद से शुरू हुई प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षित अभियान (पीएमएसएमए) में बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों और प्राइवेट डॉक्टरों को स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को पुरस्कार से सम्मानित किया।
राजस्थान और छत्तीसगढ़ सरकार के खाते में जहां दो, वहीं मध्यप्रदेश की झोली में भी दो पुरस्कार आए। इसके अलावा प्राइवेट प्रैक्टिशनर की श्रेणी में राजस्थान को तीन पुरस्कार दिए गए।
हनुमानगढ़ से डॉ ममता गुप्ता को दो श्रेणियों में पुरस्कार मिला है तो भरतपुर के डॉ सुमित अरोड़ा भी पुरस्कृत किए गए हैं। राजस्थान सरकार की ओर से स्वास्थ्य विभाग के प्रोजेक्ट निदेशक डा. तरुण चौधरी और डा. एसएम मित्तल ने पुरस्कार प्राप्त किए। पुरस्कार प्राप्त करने के बाद डा. ममता गुप्ता ने कहा कि बड़ी चुनौतियों के बाद वे इस मुकाम पर पहुंची हैं।
स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। पीएमएसएमए योजना के तहत सबसे ज्यादा उच्च जोखिम प्रसव के मामलों की पहचान करने वाले राज्यों की श्रेणी (पीएमएसएमए टीम पुस्कार 2) में राजस्थान को पुरस्कार दिया गया है। इसके अलावा पीएमएसएमए के तहत सबसे ज्यादा वालंटियर सेवा देने की श्रेणी (पीएमएसएमए टीम पुस्कार 3) में भी राजस्थान को पुरस्कार दिया गया है।
मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ को सबसे ज्यादा मातृत्व मृत्यु दर घटाने के लिए पुरस्कार मिले हैं। इन दोनों राज्यों को गर्भवती महिलाओं को सबसे अधिक सेवाएं देने के लिए भी पुरस्कार से नवाजा गया।
Updated on:
30 Jun 2018 08:16 am
Published on:
30 Jun 2018 08:06 am
