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निजी अस्पतालों को लूट की छूट नहीं दी जा सकती: अशोक गहलोत

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सरकारी अस्पतालों की दुर्दशा पर गहरी चिन्ता व्यक्त की है। उन्होंने स्वयं के अनुभव के आधार पर कहा कि सवाईमानसिंह अस्पताल में भर्ती होने के दौरान वहां गंदगी देख कर वे खुद शर्मिदा थे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि निजी अस्पतालों में इलाज का खर्च बहुत ज्यादा है, जबकि सरकारी अस्पतालों की हालत खस्ता है, ऐसे में जनता कहा जाए? मुख्यमंत्री गुरुवार को सरकारी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों की बैठक ले रहे थे।
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CM Ashok gehlot on ERCP

ashok gehlot

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सरकारी अस्पतालों की दुर्दशा पर गहरी चिन्ता व्यक्त की है। उन्होंने स्वयं के अनुभव के आधार पर कहा कि सवाईमानसिंह अस्पताल में भर्ती होने के दौरान वहां गंदगी देख कर वे खुद शर्मिदा थे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि निजी अस्पतालों में इलाज का खर्च बहुत ज्यादा है, जबकि सरकारी अस्पतालों की हालत खस्ता है, ऐसे में जनता कहा जाए? मुख्यमंत्री गुरुवार को सरकारी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों की बैठक ले रहे थे।

उन्होंने कहा कि हम राइट टू हैल्थ बिल लेकर आए, लेकिन प्राइवेट वालों ने विरोध किया। यह बिल विधानसभा में रुक गया। प्राइवेट अस्पताल में लूट की छूट नहीं दी जा सकती। बैठक में मुख्यमंत्री ने सरकारी अस्पतालों की गंदगी और अव्यवस्थाओं पर अधिकारियों की जमकर क्लास ली। उन्होंने अस्पताल भवनों की दुर्दशा के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से भी जवाब मांगा। गहलोत ने कहा कि अब वे खुद जिलों के सरकारी अस्पतालों का दौरा कर वहां की व्यवस्थाएं देखेंगे।

योजनाओं का लिया फीडबैक

इससे पहले मुख्यमंत्री ने कॉलेज के प्राचार्यों से जननी सुरक्षा, मुफ्त दवा, मुफ्त जांच और चिरंजीवी योजना का फीडबैक लिया, साथ ही मेडिकल कॉलेजों में चल रहे कामकाज को लेकर भी फीडबैक लिया है। जिस पर कई कॉलेज के प्राचार्यों ने प्रशासनिक अड़चनों के चलते और वित्तीय स्वीकृति नहीं होने के चलते काम रुकने की पीड़ा भी मुख्यमंत्री के सामने जताई। इस पर मुख्यमंत्री ने उच्च अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल्द से जल्द इस मामलों का निस्तारण किया जाए।

चिरंजीवी योजना पूरे देश में लागू हो

सीएम ने केंद्र सरकार से भी मांग की है कि सोशल सिक्योरिटी की सबसे बड़ी जरूरत को देखते हुए पूरे देश में चिरंजीवी योजना लागू करे। महुआ विधायक ओम प्रकाश हुडला के प्रयासों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में अक्सर गंदी चादरों की शिकायत मिलती है। इसे देखते हुए हुड़ला ने वार के हिसाब से चादरों का रंग निर्धारित करने की योजना बनाई। इस तरह के कदमों से भी अस्पतालों की व्यवस्थाएं सुधारी जा सकती हैं।

प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में मेडिकल शिक्षा के नाम पर लूट को रोकना सरकार का काम है। इसके लिए डॉक्टरों व अस्पतालों को जिम्मेदार ठहराना व बदनाम करना जायज नहीं है। प्राइवेट सेक्टर इसका पुरज़ोर विरोध करता है।- डॉ. विजय कपूर, सेक्रेटरी, प्राइवेट हॉस्पिटल्स एंड नर्सिंग होम्स सोसायटी

मरीजों के बाद अब तो सीएम ने अस्पतालों में व्याप्त गंदगी और अपनी ही सरकार में चरमराई चिकित्सा व्यवस्था की कलई खोल दी है। यह प्रमाण है कि प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था राम भरोसे है और सरकार के तमाम दावे झूठे हैं। -राजेंद्र राठौड़, उपनेता प्रतिपक्ष