17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बड़ा झटकाः चिरंजीवी के बाद निजी बीमा बंद करवाया, अब इलाज के लिए मांग रहे दो लाख

राज्य में संचालित आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना और राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) के तहत इलाज में आ रही बाधाओं से प्रदेश में रोजाना हजारों मरीज परेशान हो रहे हैं।

less than 1 minute read
Google source verification
chiranjeevi_yojana.jpg

राज्य में संचालित आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना और राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) के तहत इलाज में आ रही बाधाओं से प्रदेश में रोजाना हजारों मरीज परेशान हो रहे हैं। राजस्थान पत्रिका में समाचार प्रकाशन के बाद प्रदेश के विभिन्न जिलों से दो दिन में करीब 300 से अधिक परिवेदनाएं पत्रिका को मिली हैं।

मरीजों ने कहा कि निजी अस्पतालों में योजनाओं के बावजूद इलाज नहीं किया जा रहा। सरकारी अस्पतालों की हालत खराब है। लोगों ने यह भी कहा कि सरकार को समय-समय पर सभी अस्पतालों में चिकित्सकों के व्यवहार और इलाज के समय को लेकर जनता से फीडबैक लेना चाहिए। इससे सच्चाई सामने आएगी और व्यवस्था सुधरेगी।

यह भी पढ़ें- Chiranjeevi Yojana: राजस्थान में चिरंजीवी योजना को लेकर ये आई बड़ी खबर

योजना बंद नहीं... खामियां दूर करें
मैं 70 वर्ष का हूं। मैंने मेरी और पत्नी की मेडिक्लेम पॉलिसी कई वर्ष से करवा रखी थी। शुरुआत में सालाना प्रीमियम 15-16 हजार रुपए था। साल दर साल प्रीमियम राशि बढ़कर 65 हजार रुपए हो गई। जो कि एक बड़ा बोझ लग रहा था। राजस्थान सरकार ने 800 रुपए प्रीमियम लेकर चिरंजीवी योजना शुरू की तो इस योजना से जुड़ गया और निजी कंपनी की मेडिक्लेम पॉलिसी बंद कर दी। अब मुझे अपनी पत्नी का इलाज कराना है। ऑपरेशन होगा। इस समय निजी अस्पताल चिरंजीवी में इलाज से मना कर रहे हैं। मैं अब ठगा सा महसूस कर रहा हूं... डेढ़-दो लाख रुपए स्वयं को खर्च करने होंगे। राजस्थान सरकार को योजना का लाभ लोगों को देना चाहिए। इसमें कोई खामी है तो उसे दूर करें और गलत करने वाले अस्पतालाें पर कार्रवाई करें।’
- सुभाष चंद्र पारीक, ढेहर का बालाजी, सीकर रोड, जयपुर

यह भी पढ़ें- Rajasthan News: मरीज के परिजन अस्पताल फोन कर पूछ रहे, साहब... चिरंजीवी में इलाज मिलेगा या नहीं