
पृथ्वीराज नगर में हाईटेंशन दे रही टेंशन...केंद्र ने नए नियम बनाए, राज्य सरकार पुराने पर ही चल रही
जयपुर. राज्य सरकार की अनदेखी के कारण राजधानी के पृथ्वीराज नगर में 20 हजार से अधिक लोग पट्टे से वंचित हैं। राज्य सरकार तीन फरवरी 2015 की अधिसूचना पर काम कर रही है, जबकि केंद्र सरकार के ऊर्जा विभाग ने जुलाई, 2020 में हाईटेंशन मामले में नई अधिसूचना जारी की। इसमें शहरी इलाके में काफी सहूलियत दी गई हैं। यदि इस अधिसूचना को राज्य सरकार लागू कर दे तो पृथ्वीराज नगर में 20 हजार भूखंडों के पट्टे जारी हो सकते हैं और इन लोगों को बिजली के कनेक्शन भी मिल सकते हैं। दरअसल, वर्ष 2015 में जो अधिसूचना जारी की थी, उस पर गौर करें तो 132 केवी लाइन के लिए 27 मीटर और 220 केवी के लिए 35 मीटर का सेफ्टी कॉरिडोर रखा गया है। नई अधिसूचना में 132 केवी लाइन के लिए 19 मीटर और 220 केवी के लिए 25 मीटर का सेफ्टी कॉरिडोर रखा गया है।
अलग-अलग नियम
● पृथ्वीराज नगर में कई कॉलोनियां 30 वर्ष से पुरानी हैं और इनमें 90 फीसदी बसावट हो चुकी है। पीआरएन, उत्तर के 15 किमी क्षेत्र में 14 हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। नियमों में यहां रहने वाले लोग ऐसे फंसे कि अब तक पट्टे नहीं मिल पा रहे हैं।
● चित्रकूट में तो 80 फीट के सेफ्टी कॉरिडोर पर ही पट्टे जारी कर दिए। विद्युत नगर में 60 फीट पर ही पट्टे जारी किए जा चुके हैं।
● वैशाली नगर, श्याम नगर, राम नगर, मानसरोवर, लालकोठी क्षेत्र में तो सेफ्टी कॉरिडोर को छोड़ा ही नहीं है। हाईटेंशन लाइन के नीचे ही सडक़ का निर्माण कर दिया।
मुख्यमंत्री को देंगे ज्ञापन
केंद्र सरकार के 16 जुलाई 2020 के नए नियम पृथ्वीराज नगर में लागू किए जाएं। इससे हजारों लोगों को राहत मिलेगी। इस मामले में जल्द ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को ज्ञापन देकर स्थिति से अवगत कराएंगे। -अनिल माथुर, अध्यक्ष पृथ्वीराज नगर जन विकास समिति
Published on:
26 Nov 2022 11:52 pm
