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सता रहा सबसे बड़ा रोग…सुंदर, फिट नहीं दिखूंगी तो क्या कहेंगे लोग

Body Dysmorphic Disorder: आज कल ज्यादातर महिलाएं सोशल मीडिया पर एक्टिव है। सोशल मीडिया पर वे कई प्रकार की महिलाओं को देखती है जो स्लिम ,फिट होती है ऐसे में उनके मन में खुद को लेकर कई प्रकार के सवाल पैदा होते है जिस कारण वे बॉडी दिसमोर्फिक डिसऑर्डर की शिकार हो जाती है।

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शैली शर्मा/जयपुर. Body Dysmorphic Disorder: आज कल ज्यादातर महिलाएं सोशल मीडिया पर एक्टिव है। सोशल मीडिया पर वे कई प्रकार की महिलाओं को देखती है जो स्लिम ,फिट होती है ऐसे में उनके मन में खुद को लेकर कई प्रकार के सवाल पैदा होते है जिस कारण वे बॉडी दिसमोर्फिक डिसऑर्डर की शिकार हो जाती है। उन्हें खुद में कई कमियां दिखने लग जाती है जिसका असर उनके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। महिलाओं में तुलनात्मक भावना विकसित होने लग जाती है। ना दिखने वाली छोटी -छोटी कमी भी उन्हें काफी बड़ी लगने लगती है। अच्छे ना दिखने के डर से वे समाज से ,लोगों से दूर रहने लगती है। उनके दिमाग में हमेशा नकारत्मक ख्याल आने लागते है। कई महिलाएं जिनका वजन काफी ज्यादा है ,वे कई प्रकार की डाइट फॉलो कर रही है लेकिन उस से उनके शरीर में न्यूट्रिशन की कमी हो रही है साथ ही शरीर में कई प्रकार के दुष्प्रभाव हो रहे है। नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी की 2023 की एक रिपोर्ट के अनुसार बॉडी दिसमोर्फिक डिसऑर्डर 1.9 - 2.2 % सामान्य आबादी के लोगों को प्रभावित कर रहा है।

पियर प्रेशर के कारण ज्यादा हो रहा है तनाव ,बॉडी शमिंग के चक्कर में गलत फैट डाइट लेती है महिलाएं , रोजाना 5 से 6 केस आ रहे है सामने
कई बार महिलाओं पर सोसाइटी का पियर प्रेशर बन जाता है। उन्हें यही डर लगा रहता है कि यदि हम खूबसूरत नहीं दिखेंगे तो लोग क्या कहेंगे। अगर हम स्लिम फिट नहीं होंगे तो लोग हमारा मजाक बनाएंगे इसी सोच के कारण वे जल्दी नतीजे पाने के चक्कर में गलत डाइट लेती है। बहुत बार ऐसा होता है की कुछ समय में गलत डाइट के कारण वजन तो कम हो जाता है लेकिन थोड़े समय बाद दुगनी रफ्तार से बढ़ जाता है।गलत डाइट लेने के कारण महिलाएं कई समस्याएं जैसे - क्रोनिक डिजीज ,हार्मोनल डिस्बैलेंस ,न्यूट्रिशन डेफिशेंसी ,हाथ -पैरों में दर्द , हड्डियां कमजोर होना ,विटामिन -मिनरल की कमी की शिकार हो सकती है। कई महिलाएं बिना डायटीशियन ,नूट्रिशियनिस्ट से परामर्श लिए जल्दी नतीजों के चक्कर में अपने अनुसार डाइट लेना शुरू कर देती है।
डॉ सुरभि पारीक (डाइटीशियन )
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एंजाइटी डिसऑर्डर के होते है शिकार
व्यक्ति जब खुद की बनावट से खुश नहीं होता है तब उसके मन में हमेशा एक चिंता ,डर बना रहता है जिस कारण उन्हें एंजाइटी डिसऑर्डर हो जाता है। व्यक्ति के डिप्रेशन में जाने की आशंका बढ़ जाती है। जब व्यक्ति को दूसरों की बातें बहुत ज्यादा प्रभावित करती है , अक्सर वह सोशल मीडिया पर खुद की तुलना दूसरों से करने लगता है , व्यक्ति खुद से प्यार करना छोड़ देता है। यह खूबसूरत दिखने की अनावश्यक चाह व्यक्ति को मानसिक रोगी बना देता है। राजधानी में भी ऐसे कई मामलें सामने आ रहे हैं।
डॉ आलोक त्यागी (मनोरोग विशेषज्ञ )
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ऐसे केस आ रहे है सामने
केस 1 : अत्यधिक वजन और जल्दी नतीजें पाने की होड़ में खाना -पीना कर दिया बिलकुल कम ,हेयर फॉल की हुई शिकार
मिलाप नगर निवासी 38 वर्षीय महिला बताती है कि कई सालों से वे अपने वजन को लेकर ना खुश थी। उनका आत्मविश्वास भी पूरी तरह से खत्म हो चूका था। उन्हें खुद की बनावट बिलकुल पसंद नहीं आती थी। वजन कम करने के लिए उन्होंने रोटी खाना बिलकुल बंद कर दिया। धीरे -धीरे शरीर में कार्ब्स की कमी होने से चेहरे की चमक चली गई ,हाथ -पैरों में दर्द रेहनेव लगा और हेयर फॉल की दिक्कत शुरू हो गई।

केस 2: गोपालपुरा निवासी 25 वर्षीय युवती ने बताया कि उन्हें अपने चेहरे की बनावट बिलकुल पसंद नहीं थी। उन्हें शुरू से लगता था की वे सुंदर नहीं। उनके दिमाग में हमेशा नकारत्मक ख्याल आते थे। कई बार उन्होंने प्लास्टिक सर्जरी करवाने का भी सोचा। मनोरोग विशेषज्ञ से परमर्श लेने के बाद पता चला की उन्हें बॉडी दिसमोर्फिक डिसऑर्डर (बीडीडी )है। फिलहाल उनका इलाज चल रहा है।