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11 राज्यों के गरीबों को फ्री कानूनी मदद देगा प्रोजेक्ट सक्षम 4.0, जस्टिस मित्र ओरिएंटेशन आयोजित

पहल का मुख्य लक्ष्य समाज के उन वंचित और कमजोर वर्गों तक मुफ्त कानूनी सहायता और जागरूकता पहुंचाना है, जो जानकारी के अभाव में न्याय से दूर रह जाते हैं।

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जयपुर। राजधानी के सीतापुरा स्थित जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के 'स्कूल ऑफ लॉ' में एक विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 'प्रोजेक्ट सक्षम 4.0' के तहत नवनियुक्त 'जस्टिस मित्र' के मार्गदर्शन के लिए आयोजित किया गया था। इस अनूठी पहल का मुख्य लक्ष्य समाज के उन वंचित और कमजोर वर्गों तक मुफ्त कानूनी सहायता और जागरूकता पहुंचाना है, जो जानकारी के अभाव में न्याय से दूर रह जाते हैं।

विधि विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर नमिता वशिष्ठ ने बताया कि प्रोजेक्ट सक्षम 4.0 के तहत राजस्थान के अलावा दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब सहित कुल 11 राज्यों में गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। ओरिएंटेशन के दौरान छात्रों को प्रोजेक्ट के 'एक्जीक्यूशन स्ट्रक्चर' के बारे में विस्तार से समझाया गया कि कैसे वे अपने स्थानीय समुदायों में जाकर विधिक साक्षरता शिविर आयोजित कर सकते हैं और लोगों को उनके मौलिक अधिकारों के प्रति जागरूक कर सकते हैं।

विधि छात्रों की सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और यूनिसेफ राजस्थान के स्टेट कंसल्टेंट डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव ने छात्रों को संबोधित करते हुए न्याय की अवधारणा पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करना केवल अदालतों का काम नहीं है, बल्कि कानून के विद्यार्थियों की भी यह बड़ी सामाजिक जिम्मेदारी है। डॉ. श्रीवास्तव ने अपने दो दशकों के अनुभव साझा करते हुए भावी वकीलों को समाज सेवा के लिए प्रेरित किया।

जीरो फंडिंग मॉडल: बिना बजट, केवल सेवा भाव

प्रोजेक्ट के कार्यकारी निदेशक एडवोकेट दिनेश चंद मीणा ने बताया कि 'प्रोजेक्ट सक्षम 4.0' की सबसे बड़ी खासियत इसका 'जीरो फंडिंग मॉडल' है। यह पूरी परियोजना बिना किसी बाहरी वित्तीय सहायता या चंदे के संचालित हो रही है। इसका संचालन पूरी तरह से युवाओं और पेशेवरों के सेवा भाव और समर्पण पर आधारित है। प्रोजेक्ट का विजन देश के 11 राज्यों के 33 से अधिक शहरों में कानूनी साक्षरता का दीप जलाना है।

'जस्टिस मित्र': न्याय व्यवस्था और जनता के बीच की कड़ी

डिप्टी कार्यकारी निदेशक अमन कुमार ने 'जस्टिस मित्र' की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ये वॉलंटियर्स न्याय व्यवस्था और आम जनता के बीच एक सेतु (ब्रिज) का काम करेंगे। जस्टिस मित्र जमीन स्तर पर जाकर लोगों की कानूनी समस्याओं को समझेंगे और उन्हें सही दिशा में कानूनी सलाह व सहायता उपलब्ध कराएंगे। यह प्रोजेक्ट देश भर में 2500 से अधिक स्वयंसेवकों के विशाल नेटवर्क के साथ आगे बढ़ रहा है।