
जयपुर
जोधपुर में सिलेंडर हादसे में जिन लोगों ने अपनों को खोया उनके जख्म तो शायद ही कभी भरें लेकिन इस बीच अब सरकार बैक फुट पर आ गई है। सरकार ने हादसे में जान गवाने वाले लोगों के परिवार के सदस्यों और घायलों के लिए तिजोरी खोल दी है और साथ ही नौकरी का भी ऐलान किया है। इस मामले में जोधपुर में आज राजपूत समाज सबसे बडा धरना प्रदर्शन करने की तैयारी में था, लेकिन देर रात सीएम से बातचीत के बाद सहमति बन गई और अब देर रात धरना खत्म कर दिया गया है। अब मोर्चरी में रखे नौ शवों को भी आज एक साथ पोस्टमार्टम करने की तैयारी की जा रही है।
इतने रुपयों पर बनी सरकार से सहमति....
दरअसल समाज से जुड़े लोग और परिवार के बचे हुए लोगों ने पिछले तीन दिनों से सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। वे लोग पचास लाख रुपए प्रति व्यक्ति और सरकारी नौकरी की मांग कर रहे थे। लेकिन सरकार से अब सहमति बन गई। सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को सीएम, पीएम और अन्य फंड मिलाकर 17 लाख रुपए देने की घोषणा की है और साथ ही संविदा पर नौकरी देने की पेशकश की है। इसके बाद अब परिजनों और समाज के लोगों ने धरना खत्म कर दिया है।
पैंतीस मृतकों के लिए सरकार पांच करोड़ 95 लाख रुपए देने की तैयारी कर रही है।
8 दिसम्बर से अब तक 35 की मौत
गौरतलब है कि जोधपुर के शेरगढ़ स्थित भुंगरा गांव में आठ दिसम्बर को सगत सिंह के बेटे सुरेन्द्र सिंह की बारात रवाना हो रही थी। उस दौरान सिलेंडर फटे और उनमें अब तक 35 लोगों की जलने से मौत हो चुकी है। इनमें दस बच्चे भी शामिल हैं। वर्तमान में जोधपुर के अस्पतालों में 15 लोग भर्ती हैं जिनमें से कईयों की हालत गंभीर है। उधर अब तक करीब दस लोगों को छुट्टी दी जा चुकी है।
Published on:
19 Dec 2022 07:44 am
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