
सरकार का रवैया चिंताजनक, विधानसभा में करीब नौ हजार सवाल लंबित
सुनील सिंह सिसोदिया/जयपुर. जनता के प्रति सरकार कितनी जवाब देह, कितने काम हो रहे हैं, क्या वास्तव में लोगों को राहत मिल रही है? या फिर भ्रष्टाचार का बोलबाला है? कुछ इस तरह की जानकारी को लेकर राज्य के 200 विधायकों की ओर से लगाए जाने वाले सवालों को लेकर सरकार का रवैया चिंताजनक है। राज्य में लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर विधानसभा में लगने वाले सवालों को लेकर माना जाता है कि इनके जवाब सरकार जरूर देगी। लेकिन इस चौदहवीं विधानसभा के दस सत्रों के हालात को देखें तो आज भी करीब नौ हजार सवाल लंबित चल रहे हैं।
बचा 5 माह का समय
वर्तमान चौदहवीं विधानसभा के कार्यकाल में करीब पांच माह का समय बचा है। ऐसे में सभी सवालों के जवाब आना संभव नहीं लग रहा। जिन सवालों के जवाब राज्य सरकार विधानसभा के पहले सत्र से ही टालती आ रही है। उनके सवाल अब लंबित ही रह जाएंगे और लंबित सवालों को आगामी विधानसभा में खत्म कर दिया जाएगा! यह परम्परा विधानसभा में पिछली चार विधानसभाओं के सवालों को खत्म कर डाली जा चुकी है।
खान विभाग, गृह राजस्व से जुड़े ज्यादातर सवाल
विधानसभा सूत्रों के मुताबिक ज्यादातर सवाल खान विभाग, गृह, राजस्व, नगरीय विकास और स्वायत्त शासन विभाग से संबंधित हैं। इनमें खान व नगरीय विकास विभाग प्रमुख है। जानकारी के मुताबिक चौदहवीं विधानसभा में चर्चित खान घोटाले को लेकर कई विधायकों ने सवाल लगाए, लेकिन राज्य सरकार ने किसी भी विधायक के घोटाले से संबंधित सवालों को जवाब नहीं दिया। ऐसे में अब इन सवालों के जवाब मिलना मुश्किल हो गया है।
आदेश भी हवा में उड़ाए
सूत्रों के मुताबिक पिछले दिनों विधानसभा में मुख्य सचिव व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई थी। इसमें अब तक के लंबित सभी सवालों के जवाब 15 जून तक भेजने के लिए कहा गया था। बैठक के बाद मुख्य सचिव ने सभी विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिवों को पत्र भेजकर 15 जून तक हर हाल में सवालों के जवाब भेजने के लिए कहा गया था। इसके बाद भी विभागों ने नहीं सुनी। अभी तक 8 हजार से ज्यादा सवालों के जवाब लंबित हैं। चौदहवीं विधानसभा में अब तक करीब 41 हजार सवाल लग चुके हैं। इनमें से 32 हजार के आसपास ही जवाब पहुंचे हैं। लंबित सवालों में ज्यादातर वे हैं, जो जनता के बीच जाने के बाद सरकार के लिए किरकिरी बन सकते हैं।
Published on:
13 Jul 2018 09:41 am
