जयपुर. रेल मंत्री ने ब्राह्मण महापंचायत में कहा कि राजस्थान राज्य को आज से 10 साल पूर्व 600 करोड़ मिलते थे। लेकिन अब राजस्थान को 9532 करोड़ का अनुदान रेलवे से मिल रहा है। राजस्थान के 82 रेलवे स्टेशनों का वर्ल्ड क्लास स्टेशन के तौर पर निर्माण किया जाएगा।
Brahman Mahapanchayat : जयपुर. रेल मंत्री ने ब्राह्मण महापंचायत में कहा कि राजस्थान राज्य को आज से 10 साल पूर्व 600 करोड़ मिलते थे। लेकिन अब राजस्थान को 9532 करोड़ का अनुदान रेलवे से मिल रहा है। राजस्थान के 82 रेलवे स्टेशनों का वर्ल्ड क्लास स्टेशन के तौर पर निर्माण किया जाएगा। यह सब हमारी एकता का परिचय होगा।
इनमें आबू रोड, अजमेर, अलवर , चूरू ,रतानिया कला, देशनोक, डेगाना, डीडवाना, फालना, आसलपुर ,जोबनेर, बालोतरा ,बांदीकुई, बारां, बाड़मेर, ब्यावर,भरतपुर, भवानी मंडी, भीलवाड़ा, विजयनगर, बीकानेर, बूंदी, चंदेरिया, छबड़ा, चित्तौड़गढ़ जंक्शन, फतहनगर, गांधीनगर जयपुर, फतेहपुर शेखावाटी, गंगापुर सिटी शामिल है।
उन्होने कहा कि हमारी यह एकता राष्ट्र के निर्माण में और अधर्म को दूर करने में लगेगी। समाज के उत्थान में आज की महापंचायत एक बडा फैसला साबित होगी। आप लोग धर्म को धारण करने वाले तथाा धर्म की रक्षा करने वाले हो। परशुरामजी ने भगवान शिव से विराट तपस्या के बाद धर्म की रक्षा के लिए फरसा प्राप्त किया था। सब में यही ऊर्जा और एकता रहनी चाहिए। साथ ही उन्होने पंचायत में मौजूद लोगों से कहा कि मैं आपका भाई हूं। आप मुझे कभी सर मत बोलना। मुझे कभी अश्विनी जी मत बोलना, मुझे केवल अश्विनी भाई बोलना।
भगवान परशुराम डाक टिकट हमारी एकता का प्रतीक :अश्विनी वैष्णव
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आज जो एकता ब्राह्मणों ने दिखाई, इस एकता को ऐसा ही हमेशा बनाए रखना। आज ऐतिहासिक काम यह हुआ है कि भगवान परशुराम पर डाक टिकट जारी हुआ है, यह सब आप की एकता का परिणाम है।
चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी ने कहा कि कोई भी धर्म में अगर हमारी बहन-बेटी के साथ गलत बर्ताव करता है तो ब्राह्मण समाज को एकजुट होकर उठ खड़ा होना चाहिए। साथ ही उन्होने समाज को नसीहत देते हुए कहा हम लोगों को समाज के लोगों की आलोचना और अपास में टांग खिंचाई नहीं करनी चाहिए। समाज में किसी जरूरतमंद या गरीब को देखा जाए तो उसकी मदर के लिए आगेे आने चाहिए।
राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि ईडब्ल्यूएस आरक्षण में वह सारे लाभ मिलने चाहिए जो दूसरे आरक्षण में मिलता है। हमारे जितने भी सनातन धर्म के मंदिर और धर्म स्थान हैं उन मंदिरों को सरकारी नियंत्रण में करने का अधिकार नहीं हो। जो हमारे मंदिर सरकारों के नियंत्रण में उनके लिए समाज को प्रयास कर वापस लेना चाहिए। जिस प्रकार वक्फ बोर्ड है उसी तर्ज पर हिंदू रिलिजियस एक्ट होना चाहिए। मंदिरों पर केवल और केवल हिन्दू समाज का अधिकार होना चाहिए।