करौली जिले सपोटरा इलाके में बीते 24 घंटों में 11 इंच से अधिक बारिश हुई है। पूर्वी राजस्थान के बड़े बांधों में शामिल पांचना बांध में पानी की भारी आवक को नियंत्रित करने के लिए सोमवार सुबह सात में से 6 गेट को खोलकर 18 हजार क्यूसेक पानी की निकासी शुरू कर दी गई। ये पानी गम्भीर नदी में होकर भरतपुर की ओर बढ़ गया। सपोटरा क्षेत्र में कालीसिल, मण्डरायल में नींदर तथा करौली में मामचारी बांध भी एक रात की बारिश के बाद लबालब होकर छलकने लग गए। कालीसिल बांध पर दोपहर में 4 से 5 फीट की चादर चल रही थी।
उधर, चम्बल व उसकी सहायक नदियां भी उफान पर हैं। इससे सोमवार को सीजन में पहली बार कोटा बैराज के गेट दो गेट दो-दो फीट खोलकर पांच हजार क्यूसेक पानी की निकासी की गई। बूंदी जिले के मोतीपुरा बांध पर 9 इंच की चादर चलना शुरू हो गई। इसकी भराव क्षमता 17 फीट है। वहीं अलवर जिले में 24 घंटे में अलवर शहर में सबसे अधिक 150 मिमी बरसात आई। इस बरसात से रूपारेल नदी 2 फीट और साबी नदी में एक फीट पानी आया।