
Rajasthan Dams : राजस्थान के बांधों में पिछले वर्ष की तुलना में इस साल 4.55 फीसदी पानी ज्यादा है, लेकिन भीषण गर्मी के बीच बांधों में पानी का स्टोरेज भी तेजी से घट रहा है। अभी तक 335 बांध खाली हो चुके हैं, जबकि 349 बांधों में थोड़ा ही पानी बचा है। हालांकि, सात बड़े बांधों से राहत मिलने की जरूर आस बंधी है, जहां जरूरत के अनुरूप पानी उपलब्ध होने का दावा किया जा रहा है। ऐसे में जल संसाधन विभाग और जलदाय विभाग ने उन जिलों, इलाकों पर फोकस कर दिया है, जहां बांधों में अपेक्षाकृत पानी कम बचा है। पेयजल की समुचित व्यवस्था के लिए यहां सिंचाई के लिए नहरों में कम पानी छोड़ा जा सकता है। इस विकल्प भी विचार किया जा रहा है।
विभाग के मुताबिक राजस्थान में छोटे-बड़े 691 बांध हैं। इन बांधों में पिछले साल एक मई को 37.81 था और इस साल 42.36 प्रतिशत पानी है। इधर जो बांध भरे हैं, उनमें गाद-मिट्टी भी है। बाइस बड़े बांध हैं, जिनमें पानी स्टोरेज की क्षमता 8104.66 मिलियन क्यूबिक मीटर है।
इनमें से आधे बांधों में मिट्टी-गाद ज्यादा भरी है। इससे बांध क्षमता औसतन 10 प्रतिशत घट गई। सभी जगह इसे हटा दें तो भी 800 से 900 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी अतिरिक्त स्टोरेज किया जा सकता है। इससे नया बांध बनाने या मौजूदा बांध की क्षमता बढ़ाने की जरूरत कम होगी। निर्माण लागत का पैसा बचेगा।
छोटे बांध - 823.93 - 96.65 - 11.73 फीसदी
408
मध्यम बांध - 3972.22 - 902.06 - 22.71 फीसदी
260
बड़े बांध - 8104.65 - 4466.06 - 55.10 फीसदी
22
(सिंचाई के पानी के लिए विकल्प पर विचार कर रहा विभाग)
कोटा बैराज - 99.30 फीसद।
जवाहर सागर - 90.07 फीसद।
राणा प्रताप सागर - 69.66 फीसद।
मोरल - 69.99 फीसद।
बीसलपुर - 63.43 फीसद।
पांचना - 60.30 फीसद।
गुढा - 48.36 फीसद।
गलवा - 44.92 फीसद।
पार्वती - 44.39 फीसद।
जयसमंद - 44.37 फीसद।
माही बजाज सागर - 44.14 फीसद।
राजसमंद - 43.00 फीसद।
सोमकला अम्बा - 39.83 फीसद।
टोरडीसागर - 37.83 फीसद।
जाखम - 23.91 फीसद।
जवाई - 21.75 फीसद।
छापरवाडा - 9.71 फीसद।
मेजा - 8.34 फीसद।
Updated on:
17 May 2025 06:59 am
Published on:
17 May 2025 06:59 am
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