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Rajasthan की Ashok Gehlot सरकार स्कूली बच्चों को देगी Smart Tablets, Internet Connection Free

Rajasthan Ashok Gehlot Government Smart Tablets to School Students : हाईटेक होंगे राजस्थान के स्कूली बच्चे, प्रतिभावान स्टूडेंट्स को मिलेंगे स्मार्ट टैबलेट्स, नौनिहालों के लिए बड़ी योजना पर हो रहा काम, खेल-खिलाड़ियों के कार्यक्रम में सीएम ने बताई मंशा, स्टूडेंट्स से पहले महिलाओं को देंगे स्मार्टफोन्स

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Rajasthan Ashok Gehlot Government Smart Tablets to School Students

Rajasthan Ashok Gehlot Government Smart Tablets to School Students : प्रदेश की करीब डेढ़ करोड़ महिलाओं को स्मार्टफोन के बाद अब गहलोत सरकार स्कूली बच्चों को स्मार्ट टेबलेट्स बांटने जा रही है। इसके तहत 8वीं, 10वीं एवं 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में अच्छे अंक प्राप्त करने वाले करीब 93 हज़ार स्टूडेंट्स को इसी वर्ष स्मार्ट टैबलेट्स दिए जाने पर काम हो रहा है। ख़ास बात ये होगी ही इन स्मार्ट टेबलेट्स में 3 साल की निःशुल्क इंटरनेट कनेक्टीविटी भी सरकार की तरफ से ही निशुल्क दी जाएगी।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर के एसएमएस स्टेडियम में राज्य स्तरीय राजीव गांधी ग्रामीण ओलंपिक खेलों के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए ये बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है। इसी क्रम में अब बोर्ड परीक्षाओं में अच्छे अंक प्राप्त करने वाले स्टूडेंट्स को 3 साल की निःशुल्क इंटरनेट कनेक्टीविटी के साथ स्मार्ट टैबलेट्स दिए जाएंगे।

सीएम गहलोत ने कहा कि स्मार्ट टेबलेट मिलने से स्टूडेंट को पढ़ाई में सुगमता होगी तथा विभिन्न प्रकार की उपयोगी जानकारियां घर बैठे प्राप्त हो सकेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के इस कदम से स्टूडेंट्स को आईटी से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है, ताकि आधुनिक दौर में हमारे युवा किसी से पीछे ना रहे।

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आगामी बजट में घोषणा संभव

प्रतिभावान स्टूडेंट्स को स्मार्ट टेबलेट्स वितरण की वृहद योजना पर घोषणा गहलोत सरकार के आगामी बजट पर संभव लग रही है। दरअसल, सीएम गहलोत ने रविवार को जयपुर में हुए सार्वजनिक कार्यक्रम में इस बारे में सरकार की मंशा ज़ाहिर कर दी। हालांकि गहलोत ने इस योजना पर विस्तृत जानकारी तो नहीं दी, इतना ज़रूर कहा कि इस योजना पर सरकार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाला बजट युवाओं और खिलाड़ियों के साथ ही स्कूली छात्रों के लिए भी समर्पित होगा।

महिलाओं को स्मार्टफोन वितरण का काउंटडाउन शुरू

राजस्थान की लगभग 1.35 करोड़ महिलाओं को स्मार्ट फोन दिए जाने की तैयारी राज्य सरकार के स्तर पर लगभग पूरी हो गई है। जानकारी के अनुसार सरकार की ओर से प्रदेश की चिरंजीवी कार्डधारी 1.35 करोड़ महिलाओं को दीपावली के बाद माेबाइल बांटना शुरू हो जाएगा। यह स्मार्टफोन प्रदेश के सभी जिलों की ग्राम पंचायतो में विशेष कैंप लगाकर 15 नवंबर के बाद वितरित किए जाने की बात सामने आई है।

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जानकारी के अनुसार महिलाओं को वितरित किये जाने वाले स्मार्टफोन्स सैमसंग, नोकिया और जियो कंपनी के होंगे। इन स्मार्टफोन के साथ भी हर महीने 20 जीबी डेटा सहित 3 साल का डेटा बैकअप फ्री में मिलेगा। मोबाइल में डेटा यूज करने के लिए अलग से कोई रिचार्ज नहीं करवाना पड़ेगा। अगर कोई लाभार्थी फोन का इस्तेमाल नहीं करता है तो डेटा रिचार्ज तब तक नहीं होगा जब तक वह फोन का इस्तेमाल शुरू नहीं कर देता। सरकार द्वारा मोबाइल वितरण के लिए लगाए गए कैंप में हैंडसेट दिया जाएगा। जिसमें सिम डाल कर उसे मौके पर ही एक्टिवेट किया जाएगा।

... इधर पहले बजट की चौथाई घोषणाएं अधूरी

राज्य की अशोक गहलोत सरकार अपने कार्यकाल के अंतिम वर्ष की ओर बढ़ रही है, लेकिन पहले साल की एक चौथाई बजट घोषणाएं अब तक अधूरी हैं। दूसरे साल की करीब 35 व तीसरे वर्ष की 57 प्रतिशत बजट घोषणाएं धरातल पर नहीं उतर पाई हैं। सीएजी की मानें तो वर्ष 2016-17 तक की कुछ घोषणाएं भी पूरी नहीं हो पाई हैं। घोषणाएं कागजों में अटकी होने से जनसुविधाओं पर असर हो रहा है, वहीं इन पर लागत भी बढ़ रही है।

बजट घोषणाओं की संख्या की बात करें तो गहलोत सरकार हर वर्ष अपने पिछले आंकड़े को पीछे छोड़ती जा रही है। इस साल तो घोषणाओं का आंकड़ा एक हजार को भी पार कर गया, जबकि पिछले साल यह साढ़े नौ सौ के पास अटक गया था। कोरोनाकाल से ठीक पहले पारित बजट में यह संख्या 363 थी। बजट घोषणाओं को लेकर सभी विभागों से कहा गया कि इस साल की बजट घोषणाओं पर नवम्बर तक स्वीकृतियां जारी करने का कार्य पूरा कर लिया जाए। जिन घोषणाओं को पूरा करने के लिए टेंडर जारी करना है, उनके लिए दिसम्बर तक प्रक्रिया पूरी कर जनवरी-फरवरी में काम शुरू करने को कहा गया है।

मौजूदा वित्त वर्ष की करीब 20 % घोषणाओं को लेकर कोई हलचल नहीं है और करीब पौने तीन सौ घोषणाएं स्वीकृति की प्रक्रिया ही पार कर पाई है। जहां तक पिछले साल की घोषणाओं की बात करें तो 43 प्रतिशत ही पूरी हो पाई हैं। चार सौ से अधिक घोषणाओं पर काम चल रहा है, करीब 8 प्रतिशत घोषणाओं को अभी स्वीकृति ही मिल पाई है। पिछले साल की करीब पांच प्रतिशत घोषणाएं तो ऐसी है, जिन पर विभागों ने काम ही शुरू नहीं किया है।