22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान विधानसभा में राज्यपाल को बीच में रोकना पड़ा अभिभाषण- सदन से लौटे, जानें वजह?

Rajasthan Assembly Budget Session Governor Kalraj Mishra Speech : राजस्थान विधानसभा में राज्यपाल ने बीच में रोका अभिभाषण- सदन से लौटे, जानें वजह?

2 min read
Google source verification
Rajasthan Assembly Budget Session Governor Kalraj Mishra Speech

जयपुर।

राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र आज हंगामे के बीच हुए राज्यपाल अभिभाषण के साथ हुआ। राज्यपाल कलराज मिश्र ने जैसे ही अभिभाषण पढ़ना शुरू किया विपक्ष ने पेपर लीक प्रकरण का मुद्दा उठा दिया। इस मुद्दे को लेकर तमाम विपक्षी दलों ने एकसुर में सरकार का विरोध जताया। विरोध कर रहे विधायकों ने राज्यपाल अभिभाषण के दौरान ही वेल में आकर सरकारी विरोधी तख्तियां लहराईं और नारेबाजी कर ज़ोरदार हंगामा किया।


शोर-शराबे के बीच राज्यपाल ने शुरूआती पंद्रह मिनट तक अपना अभिभाषण जारी रखा। हंगामा ज़्यादा होने के कारण राज्यपाल ने अभिभाषण को बीच में हो रोक दिया जिसे पढ़ा हुआ माना गया। राज्यपाल अभिभाषण के तुरंत बाद राष्ट्रगान हुआ और फिर राज्यपाल ने सदन से रवानगी ली।

ये भी पढ़ें : CM Ashok Gehlot ने फोटो खिंचवाकर करवाया रजिस्ट्रेशन, फिर 8 रुपए में खाया भरपेट भोजन

ऐसे शुरू हुआ हंगामा
राज्यपाल कलराज मिश्र ने जैसे ही अभिभाषण पढ़ना शुरू किया, नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने पेपर लीक प्रकरण उठाते हुए सरकार का विरोध जताया। उन्होंने राज्यपाल को संविधान पीठ के इंचार्ज और संविधान का रक्षक बताते हुए इस विषय पर हस्तक्षेप का आग्रह किया।

कटारिया ने कहा कि हर बार की तरह इस सत्र में आप भाषण पढ़ेंगे और फिर हम सब भी यहां भाषण करेंगे और सुनेंगे, लेकिन उन 50 लाख बच्चों की आखिर कौन चिंता करेगा जो पेपर आउट प्रकरण होने के कारण प्रभावित हैं? उनके बारे में भी सोचना पड़ेगा, नहीं तो इस तरह से संविधान की धज्जियां उड़ेंगी।

ये भी पढ़ें : आखिर अब चर्चा में क्यों हैं गहलोत सरकार की राज्य मंत्री ज़ाहिदा खान?

कटारिया के सरकार का विरोध जताने के बाद भाजपा सहित सभी विपक्षी दलों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। कुछ विधायक पेपर लीक प्रकरण को लेकर सरकार विरोधी तख्तियां लेकर वेल में पहुँच गए और सरकार विरोधी नारे लगाने लगे। शोरशराबा और हंगामा इतना ज़्यादा बढ़ा कि राज्यपाल को अभिभाषण बीच में ही रोक देना पड़ा।