5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

राजस्थान का रण: जिन बूथों ने दिया बंपर वोट, उनकी हकीकत जानकर रह जाएंगे हैरान

https://www.patrika.com/rajasthan-news/
4 min read
Google source verification
vote

जयपुर। विधानसभा चुनाव में ज्यादातर मतदाता इसी उम्मीद में अपना प्रतिनिधि चुनते हैं कि वह उनके बीच आएगा, उनकी पीड़ा सुनेगा, समस्याएं दूर करेगा। लेकिन पिछले चुनाव में वोटों और काम का गणित देखें तो जनता की उम्मीदें धराशायी ही हुई हैं। पक्ष हो या विपक्ष, कई बूथों पर थोक में वोट मिलने के बावजूद जीतने के बाद विधायकों ने मतदाताओं की सुध नहीं ली। जो हार गए, वे तो पलटकर आए ही नहीं। जो जीते, उन्होंने भी सूरत दिखाने में कंजूसी ही बरती।

पत्रिका ने ऐसे कई बूथ क्षेत्रों की पड़ताल की, जहां 2013 के चुनाव में जीत का अन्तर बहुत बड़ा रहा। मतदाताओं ने प्रत्याशी को भरपूर वोट दिए। इन बूथों के इलाकों के लोगों का कहना है कि जहां कांग्रेस को वोट दिए, विकास कार्य होने की उम्मीद वैसे भी नहीं थी। जहां भाजपा को वोट दिए, वहां भी काम उम्मीदों के मुताबिक नहीं हुए।

वे बूथ, जहां कांग्रेस को मिले अधिक वोट

1. विधानसभा क्षेत्र : सिविल लाइंस
स्थिति: कांग्रेस के पक्ष में जमकर वोटिंग हुई मगर कांग्रेस प्रत्याशी प्रतापसिंह खाचरियावास चुनाव नहीं जीत पाए। जीत भाजपा के अरुण चतुर्वेदी की हुई, जो बाद में मंत्री बने। हथरोई के किले के लोगों का कहना है कि विकास के नाम पर उन्हें केवल आश्वासन मिले। मीर कयामुददीन ने भी सही बात बोली।

कहते हैं, चुनाव जीतने के बाद क्षेत्र में विधायक को कभी नहीं देखा। व्यापारी रामजीलाल जैसवाल ने कहा, मौजूदा विधायक काम नहीं करा पाए।

मतदान केन्द्र : 82
कांग्रेस को मिले वोट 839
मुद्दे : खराब सडक़ें, अतिक्रमण

2. विधानसभा क्षेत्र : किशनपोल
स्थिति: इसमें रामगंज बाजार आता है। भाजपा के वधायक मोहनलाल गुप्ता ने राशि तो उपलब्ध कराई लेकिन काम अधूरे पड़े हैं। हाजी निजामुद्दीन बताते हैं, उनके बूथ से कांग्रेस के अमीन कागजी को भरपूर वोट मिले लेकिन वह यहां नहीं आते। गुप्ता बुलाने पर आ जाते हैं, सुनते भी हैं लेकिन काम समय पर नहीं हो पाता।

पानी की भारी समस्या है। पहले एक घंटे आपूर्ति होती थी, अब आधे घंटे ही होती है। रामगंज अस्पताल और नाहरवाड़ा स्कूल का काम अधूरा है। सईद खान का कहना है, कोई विकास नहीं हुआ। रामगंज 5 साल पहले जैसा था वैसा ही है। विधायक को उन्होंने सिर्फ एक बार देखा है।

मतदान केन्द्र : 158
कांग्रेस को मिले वोट 1,024
मुद्दे : स्कूल का अधूरा काम, टूटी सडक़ें

3. विधानसभा क्षेत्र: आदर्शनगर
स्थिति : घाटगेट का आसपास का इलाका। कांग्रेस के माहिर आजाद को सर्वाधिक वोट मिले, जिनका निधन हो चुका है। जीतने वाले अशोक परनामी हैं। सैयद शकील हुसैन का कहना है कि विकास के नाम पर बाते हुईं, काम नहीं हुआ। सडक़ें खराब हैं, बारिश में बहुत परेशानी होती है। परनामी कभी-कभार ही दिखे।

मतदान केन्द्र : 57
कांग्रेस को मिले वोट 1,110
मुद्दे : क्षतिग्रस्त सीवरेज लाइन

4. विधानसभा क्षेत्र : चौमूं
स्थिति: गुवारड़ी गांव में हर चुनाव में कांग्रेस को बढ़त मिलती आई है। मतदाताओं का रुझान कांग्रेस प्रत्याशी की ओर ही रहा। पिछले चुनाव में भाजपा के रामलाल शर्मा जीते। वे कांग्रेस के मतों में सेंध लगाने में नाकाम रहे। स्थानीय लोगों की मानें तो पिछले 5 साल में भाजपा सरकार ने गांव पर ध्यान नहीं दिया।

मतदान केन्द्र : 107
कांग्रेस को मिले वोट 990
मुद्दे : किसानों की समस्या


5. विधानसभा क्षेत्र: फुलेरा
स्थिति : मंढाभीमसिंह क्षेत्र में ज्यादातर मतदाताओं का रुझान कांग्रेस की तरफ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि फुलेरा से निर्मल कुमावत विधायक चुने गए तो विकास की उम्मीद वैसे ही अधिक नहीं थी। कोई विकास कार्य नहीं हुए। सडक़ें, विद्यालय, अस्पताल, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। किसानों के लिए भी कुछ नहीं हुआ।
मतदान केन्द्र : 94
कांग्रेस को मिले वोट 846
मुद्दे : विद्यालय, अस्पताल, पेयजल

उन बूथों पर फोकस है, जहां हम पिछड़े थे। जहां हम आगे थे, वहां भी विशेष ध्यान है। मतदान अधिकाधिक कराने का प्रयास करेंगे। हर बूथ पर 50 तक कार्यकर्ता तैनात होंगे।
प्रताप सिंह खाचरियावास, शहर जिलाध्यक्ष कांग्रेस

वे बूथ, जहां भाजपा को मिले अधिक वोट


1. विधानसभा क्षेत्र : किशनपोल
स्थिति: नाहरी का नाका क्षेत्र का सिंधूनगर। दिखने में लगभग सभी जगह सडक़ें ठीक हैं लेकिन कुछ लोगों का कहना है कि भाजपा को उनके बूथ पर मिले वोटों के मुकाबले काम कम हुआ। पानी की समस्या बनी हुई है। सिंधूनगर निवासी मनोज ने कहा, विधायक ने कोई काम नहीं कराया। गत दिनों शास्त्रीनगर कब्रिस्तान के अतिक्रमण तोडऩे का मामला हुआ तब विधायक ने लोगों के फोन ही रिसीव नहीं किए।

मतदान केन्द्र : 9
भाजपा को मिले वोट 911
मुद्दे: अतिक्रमण, गंदगी और सडक़

2. विधानसभा क्षेत्र : हवामहल
स्थिति : गोविन्दनगर पश्चिम, शंकरनगर का इलाका । अधिकांश सडक़ें बन चुकी हैं लेकिन कुछ सडक़ें बदहाल हैं। कुछ हिस्से में पेयजल समस्या है। विधायक सुरेन्द्र पारीक ने बीसलपुर से पेयजल के लिए नई लाइन बिछवाई है। लोगों की टीस है कि यह काम चुनावी वर्ष में किया जा रहा है।

मतदान केन्द्र:155
भाजपा को मिले वोट 942
मुद्दे : पेयजल, गंदगी और सीवर


3. विधानसभा क्षेत्र : बगरू
स्थिति : अवनिया ग्राम पंचायत के घेघा गांव बूथ से भले ही भाजपा के कैलाश वर्मा को सर्वाधिक वोट मिले लेकिन जनता से किए वादे पूरे नहीं कर पाए। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में कोई विकास कार्य नहीं हुए। सूरजकरण जाट ने बताया कि वर्मा ने बिजली, पानी , सडक़ का वादा किया लेकिन जीतने के बाद देखा तक नहीं।

मतदान केन्द्र : 6
भाजपा को मिले वोट 1,046
मुद्दे : बिजली, पानी

4. विधानसभा क्षेत्र : चौमूं
स्थिति: बांसा फतेहतपुरा गांव। विधायक रामलाल शर्मा इलाके में सक्रिय हैं और ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में आगे रहते आए हैं। पूर्व सरपंच रामावतार अग्रवाल का कहना है, विधायक के कार्यकर्ता ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करते हैं।

मतदान केन्द्र : 153
भाजपा को मिले वोट 969
मुद्दे : किसानों की समस्या


5. विधानसभा क्षेत्र: चौमूं
स्थिति: मोरीजा में विधायक शर्मा ने यहां विकास कार्य भी कराए। स्थानीय निवासी महेन्द्र शर्मा का कहना था कि पूर्व में यहां नाली, सडक़, बिजली जैसी सुविधाएं नहीं थी लेकिन अब स्थिति सुधरी है। मदनलाल मीना का कहना है, गांव में भाजपा के पक्ष में वोट डलते हैं इसलिए कांग्रेस नेता यहां अधिक सक्रिय नहीं दिखते।

मतदान केन्द्र : 169
भाजपा को मिले वोट 925
मुद्दे : सडक़, कृषि

पिछले चुनाव में मिले वोट के आधार पर हमने बूथों की ग्रेडिंग की है। कमजोर बूथों को मजबूत करने पर विशेष फोकस है। हर बूथ पर 21 सदस्यों की कमेटी बना रखी है।
संजय जैन, अध्यक्ष शहर भाजपा जयपुर