1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जयपुर

जैसलमेर एक रंग अनेक : ग्रीन एनर्जी-टूरिज्म हब से लेकर रेडिएशन तक…

मई का महीना हो और जैसलमेर की यात्रा का कार्यक्रम बन जाए तो एक बारगी माथे पर शिकन आना तय है। क्योंकि, मई-जून में यहां का तापमान आमतौर पर 40 डिग्री से ज्यादा ही रहता है।

Google source verification

राजेन्द्रसिंह देणोक
मई का महीना हो और जैसलमेर की यात्रा का कार्यक्रम बन जाए तो एक बारगी माथे पर शिकन आना तय है। क्योंकि, मई-जून में यहां का तापमान आमतौर पर 40 डिग्री से ज्यादा ही रहता है। लेकिन, जैसा आप समझ रहे हैं वैसा इस बार नहीं है। मौसम के उतार-चढ़ाव और बारिश ने फिजां बदल दी है। पाली से तीन सौ किलोमीटर की यात्रा कर मैं भरी दोपहरी में खेतोलाई गांव पहुंचा। यह वही गांव है जो 11-13 मई 1998 के परमाणु परीक्षणों का गवाह रहा।