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Rajasthan Election Special : राजस्थान विधानसभा चुनाव की टॉप-5 ‘धमाकेदार’ जीत, प्रतिद्वंदी को दी करारी शिकस्त

Rajasthan Assembly Election 2023 : राजस्थान विधानसभा के अब तक हुए चुनावों में टॉप-5 सबसे बड़ी जीत,

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Rajasthan Assembly Election 2023 special top 5 big win in history

जयपुर।

राजस्थान में विधानसभा चुनाव की गर्माहट परवान पर है। कांग्रेस-भाजपा समेत सभी राजनीतिक दल जहां सत्ता पाने के मकसद से मिशन मोड पर हैं, तो वहीं चुनाव आयोग के टॉप अफसरों की टीम ने तीन तक राजधानी जयपुर में डेरा डालकर अपनी तैयारियों को अंजाम दे दिया है। इन तमाम हलचलों के बीच प्रदेश की जनता में भी इस बात की उत्सुकता है कि सूबे में इस बार किसकी सरकार बनेगी? क्या सरकार बदलने की परंपरा कायम रहेगी या वर्षों से जारी इतिहास बदलेगा, देखना दिलचस्प रहेगा।

बेहरहाल आगामी विधानसभा चुनाव की इन सरगर्मियों की ताज़ा-तरीन हलचलों के साथ ही पूर्व के विधानसभा चुनावों के दौरान हुए दिलचस्प किस्से जान लेना भी ज़रूरी है। 'पत्रिका डॉट कॉम' आज से ऐसे ही दिलचस्प किस्सों और घटनाओं को लेकर एक सीरीज़ शुरू कर रहा है। आज हम बात करेंगे राजस्थान विधानसभा के अब तक हुए चुनावों में टॉप-5 सबसे बड़ी जीत की।

सबसे बड़ी जीत:- कैलाश मेघवाल, भाजपा (2018)
राजस्थान विधानसभा चुनाव के अब तक के इतिहास में सबसे बड़ी जीत भाजपा के वरिष्ठतम विधायक कैलाश मेघवाल के नाम रही। उन्होंने पांच वर्ष पूर्व वर्ष 2018 के चुनाव के दौरान भीलवाड़ा के शाहपुरा विधानसभा सीट से अपने निकटतम प्रतिद्वंदी को 74 हज़ार 542 वोट के विशाल और रिकॉर्ड अंतर से शिकस्त दी।

इस चुनाव में जहां कैलाश मेघवाल को एक लाख एक हज़ार 451 वोट हासिल हुए थे, तो वहीं निकटतम प्रतिद्वंदी रहे कांग्रेस के महावीर प्रसाद को महज़ 26 हज़ार 909 वोट ही हासिल हुए। मेघवाल का वोट पर्सेंटेज 59.70 प्रतिशत रहा।

दूसरी बड़ी जीत - घनश्याम तिवाड़ी, भाजपा (2013)
राजस्थान विधानसभा चुनाव में दूसरी सबसे बड़ी जीत रही वर्ष 2013 के दौरान। इस चुनाव में जयपुर की सांगानेर विधानसभा सीट से भाजपा के प्रत्याशी घनश्याम तिवाड़ी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के संजय बापना को 65 हज़ार 350 वोट के ज़बरदस्त अंतर से शिकस्त दी। तिवाड़ी ने ये जीत 66.67 प्रतिशत वोट हासिल करके अर्जित की। इस चुनाव में जहां घनश्याम तिवाड़ी को कुल 1 लाख 12 हज़ार 465 वोट हासिल हुए, तो वहीं संजय बापना को महज़ 47 हज़ार 112 वोट ही मिले।

तीसरी बड़ी जीत - हेमाराम चौधरी, कांग्रेस (1998)
राजस्थान के वरिष्ठतम नेताओं में से एक हेमाराम चौधरी के नाम राजस्थान विधानसभा चुनाव इतिहास की तीसरी सबसे बड़ी जीत के तौर पर दर्ज है। उन्होंने वर्ष 1998 के चुनाव में गुढ़ामलानी से कांग्रेस उम्मीदवार बनकर चुनाव मैदान में ताल ठोकी थी। उन्होंने लोकदल से भाजपा में आये कैलाश बेनीवाल को 52 हज़ार 537 वोट से शिकस्त दी। इस चुनाव में हेमाराम चौधरी के पक्ष में 69 हज़ार 819 वोट पड़े तो वहीं कैलाश बेनीवाल को सिर्फ 17 हज़ार 282 मतों से संतोष करना पड़ा।

चौथी बड़ी जीत - महेंद्रजीत सिंह मालवीय, कांग्रेस (2008)
राजस्थान विधानसभा चुनाव के इतिहास में चौथी सबसे बड़ी जीत नसीब हुई कांग्रेस प्रत्याशी रहे महेंद्र जीत सिंह मालवीय को। उन्होंने वर्ष 2008 के दौरान बांसवाड़ा ज़िले के बागीदौरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ते हुए अपने निकटतम प्रतिद्वंदी जेडीयू के जीतमल खांट को 44 हज़ार 689 वोट से शिकस्त दी। चुनाव नतीजों के अनुसार मालवीय को जहां 76 हज़ार 113 वोट हासिल हुए, तो वहीं जीतमल खांट को 31 हज़ार 424 वोट पर ही संतोष करना पड़ा। विजेता रहे मालवीय का वोट प्रतिशत 63.48 प्रतिशत रहा।

पांचवीं बड़ी जीत - जीवन चौधरी, भाजपा (2003)
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2003 के दौरान भाजपा प्रत्याशी जीवन चौधरी ने सांचोर विधानसभा सीट से बड़ी जीत हासिल की। उनकी ये जीत अब तक के चुनावी इतिहास में पांचवीं बड़ी जीत मानी जाती है। भाजपा से प्रत्याशी रहे जीवन चौधरी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के हीरा लाल विश्नोई को 44 हज़ार 595 वोट से शिकस्त दी। चुनाव नतीजों के अनुसार जीवन चौधरी को जहां 1 लाख 7 हज़ार 975 वोट हासिल हुए थे, तो वहीं हीरा लाल को 63 हज़ार 380 वोट से ही संतोष करना पड़ा था। विजेता रहे जीवन चौधरी को 61.61 प्रतिक्षत वोट हासिल हुए थे।

इनकी जीत भी रही बड़ी--

- 1993: रामेश्वर भारद्वाज, किशनपोल - भाजपा - 38 हज़ार 24

- 1990: रामेश्वर भारद्वाज, किशनपोल - भाजपा - 35 हज़ार 906

- 1985: कृष्णेंद्र कौर, डीग - निर्दलीय - 43 हज़ार 452

- 1980: रामपाल उपाध्याय, सहाड़ा - कांग्रेस - 21 हज़ार 722

- 1977: भंवरलाल शर्मा, हवामहल - जनता पार्टी - 28 हज़ार 17