
जयपुर।
राजस्थान बहुजन समाज पार्टी (बसपा) भी इन दिनों चुनावी मोड पर है। कांग्रेस-भाजपा सहित अन्य प्रतिद्वंद्वी दलों के साथ ही बसपा नेता भी राज्य में सरकार बनाने या 'बैलेंस ऑफ़ पावर' की स्थिति में आने का दावा कर रहे हैं। 'मिशन राजस्थान' के बीच अब सुप्रीमो मायावती का प्रदेश दौरा करवाकर 'शक्ति प्रदर्शन' की योजना बन रही है। मायावती के दौरे के ज़रिए पार्टी की कोशिश विधानसभा चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं को रिचार्ज करने के साथ ही पार्टी पक्ष में माहौल बनाने की भी रहेगी।
बसपा प्रदेश अध्यक्ष भगवान सिंह बाबा ने 'पत्रिका' से बातचीत में बताया कि सुप्रीमो मायावती के दौरे चुनाव से दो या तीन महीने पहले शुरू किए जाएंगे।ये दौरे कब और कहां होंगे इसपर फिलहाल मंथन कर योजना बनाई जा रही है। संभावित है कि किसी एक स्थान को तय करके मायावती की मौजूदगी में बसपा अपनी ताकत दिखाएगी। इस प्रस्तावित सभा में प्रदेशभर से पार्टी पदाधिकारी और नेता-कार्यकर्ता एकजुट होंगे।
केजरीवाल-ओवैसी के बाद अब मायावती की एंट्री
प्रमुख राजनीतिक दलों कांग्रेस-भाजपा के अलावा अब अन्य दल भी राजस्थान की सत्ता हासिल करने के मिशन पर हैं। हाल ही में आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भी राजस्थान के दौरे करके कार्यकर्ताओं को रिचार्ज किया है। इसी क्रम में अब बसपा भी अपने नेता मायावती का दौरा जल्द से जल्द करवाकर अपने पक्ष में माहौल बनाने की योजना पर काम कर रही है।
पहले भी लग चुके हैं चुनावी दौरे
बसपा सुप्रीमो मायावती के पूर्व में भी राजस्थान दौरे लग चुके हैं। वे विधानसभा चुनावों के दौरान प्रदेश प्रवास पर रूककर कई क्षेत्रों के दौरे भी कर चुकी हैं। अब इस बार का उनका दौरा प्रदेश में पार्टी के जनाधार वाले किसी मजबूत बेल्ट में तय किया जाता है या कमज़ोर बेल्ट को मजबूत करने की मंशा से किया जाता है, इसपर राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों के संवाद के बाद ही कुछ तय हो पायेगा।
'वर्चुअल' हमलावर रही हैं बसपा सुप्रीमो
बसपा सुप्रीमो मायावती राजस्थान के मामलों में समय-समय पर अपनी वर्चुअल प्रतिक्रिया देने में एक्टिव रही हैं। प्रदेश में दलित अपराधों से जुड़े मामलों में कई बार राज्य की सरकार पर निशाना। इसके अलावा वे कोटा के सरकारी अस्पताल में नवजातों की मौत मामले में और उदयपुर में टेलर कन्हैयालाल की नृशंस मौत मामले में भी गहलोत सरकार को अपने ट्वीट बयानों से आड़े हाथ ले चुकीं है। इन ट्वीट्स में वे राजस्थान में राष्ट्रपति शासन लगाने तक की मांग कर चुकी हैं।
50 सीटों पर है फोकस, लगा रहे ज़ोर
बहुजन समाज पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव में सभी 200 सीटों पर प्रत्याशी उतारने का ऐलान किया हुआ है। हालांकि पार्टी का पूरा फोकस चुनिंदा 50 सीटों पर है जिन्हें जीतने के लिए पार्टी पूरा ज़ोर लगा रही है। प्रदेशाध्यक्ष भगवान् सिंह बाबा का कहना है कि प्रदेश की 50 सीटों पर विशेष ज़ोर लगाया जा रहा है, जिनपर जीत पाकर 'बैलेंस ऑफ़ पावर' की स्थिति में पहुंचा जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच बना रही पार्टी
प्रदेश बसपा इन दिनों 'बसपा चली गांव की ओर' अभियान चला रही है। इसके तहत पार्टी के नेता और कार्यकर्ता गांव-ढाणियों में कैंप करके छोटी-बड़ी बैठकें कर रहे हैं। ग्रामीणों को बसपा पार्टी की रीती-नीति से अवगत कराकर अपने 'कुनबे' में शामिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बसपा प्रदेशाध्यक्ष भगवान् सिंह बाबा का कहना है कि चुनाव से पहले पार्टी का मकसद शहरों के साथ ही ज़्यादा से ज़्यादा गांवों तक पहुंचकर अपनी पकड़ मजबूत बनाने का है। इसके लिए सभी जिला प्रभारियों और अध्यक्षों की ज़िम्मेदारी तय की गई है।
'झटके' से उबरी, नए सिरे से तैयार
बसपा बसपा ने वर्ष 2018 विधानसभा चुनाव में 6 सीटों पर जीत हासिल की थी। हालांकि बाद में विधायकों के दल-बदल कर कांग्रेस में शामिल होने के बाद विधानसभा में पार्टी सदस्यों की संख्या शून्य हो गई। पार्टी ने इसके लिए कानूनी लड़ाई भी लड़ी, लेकिन असफल रही। ऐसे में बसपा एक बार फिर नए सिरे से और नई रणनीति के साथ चुनाव मैदान में उतर रही है।
ये हैं प्रमुख किरदार
राजस्थान में बसपा को 'रिचार्ज' करने के अभियान में तीन प्रमुख चेहरे उभरकर सामने आ रहे हैं। इनमें बसपा सुप्रीमो मायावती के भतीजे और राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद, केंद्रीय कोऑर्डिनेटर व राज्यसभा सांसद रामजी गौतम और प्रदेश अध्यक्ष भगवान सिंह बाबा के नाम शामिल हैं।
Published on:
18 Mar 2023 11:44 am
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