7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान बार एसोसिएशन चुनाव अब एक ही दिन में होंगे, सुप्रीम कोर्ट का हाईकोर्ट के निर्णय पर रोक लगाने से इनकार

Supreme Court Refusal : राजस्थान के सभी बार के चुनाव एक ही दिन में होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने से साफ-साफ इनकार कर दिया है।

2 min read
Google source verification
Supreme Court

Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला। राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है। राजस्थान हाईकोर्ट ने पूरे प्रदेश में एक ही दिन में बार एसोसिएशन के चुनाव कराने का आदेश दिया था। नाराज वकील ने राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से साफ-साफ मना कर दिया। जस्टिस बीआर गवई औऱ प्रशांत कुमार मिश्रा की खंडपीठ ने यह आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब राजस्थान हाईकोर्ट का फैसला ही मान्य होगा।

राजस्थान हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि प्रदेश के सभी बार के चुनाव दिसम्बर माह के दूसरे शुक्रवार को होंगे। शनिवार को वोटिंग के बाद रिजल्ट घोषित किया जाएगा। राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस न्यायाधीश एजी मसीह की डिविजनल बेंच ने मामले पर सुनवाई करते हुए यह फैसला किया था। राजस्थान में 250 बार एसोसिएशन रजिस्टर्ड हैं। इसमें हाईकोर्ट, सेशन कोर्ट, आयोगों की बार समेत अन्य हैं। कुल 1 लाख 4 हजार के करीब एकवोकेट्स बीसीआर में रजिस्टर्ड हैं।



याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

पर सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट बार एसोसिएशन जोधपुर, अजमेर और टोंक को एक राहत प्रदान की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वे हाईकोर्ट के आदेश में बदलाव के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट में तीनों बार ने गुहार लगाते हुए कहा- उनका कार्यकाल संविधान के अनुसार एक या दो वर्ष में पूरा होना है। ऐसे में उनका चुनाव न कराया जाए। इसके बाद राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश को याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। वकील अजय सिंह ने याचिकाकर्ताओं की ओर पक्ष रखे।

यह भी पढ़ें - सुप्रीम कोर्ट से जयपुर के पूर्व राज परिवार को बड़ा झटका, टाउन हाल में म्यूजियम निर्माण का रास्ता साफ

एक वकील एक बार में ही कर सकता है वोट

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार ये चुनाव एक बोर्ड, एक बार के नियम के तहत कराए जा रहे थे। नियमों के तहत एक वकील एक बार में ही वोट कर सकता है, यानी किसी वकील ने किसी एक बार में वोट कास्ट किया है, तो वह दूसरी बार में वोटिंग नहीं कर सकता है। राजस्थान हाईकोर्ट ने इसके समाधान के लिए अब बार एसोसिएशन के चुनाव एक तारीख को ही कराने का फैसला किया।

यह भी पढ़ें - राजस्थान हाईकोर्ट में हुई 81 विधायकों के इस्तीफा प्रकरण पर सुनवाई, अब स्पीकर के आदेश को दी गई चुनौती