
भाजपा पार्षद और उनके पति को मिलीजान से मारने की धमकी
राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने सभी 200 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। लेकिन नामांकन दाखिल होने की मियाद ख़त्म होने से ऐन पहले पार्टी को तीन घोषित प्रत्याशियों के नामों में बदलाव करना पड़ा। ये बदलाव भी ऐसे वक्त पर हुए जब नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन की मियाद कुछ समय बाद ख़त्म होने को थी। यही कारण रहे कि इन तीन सीटों पर टिकट में बदलाव राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक पर चर्चा का विषय बने हुए हैं।
इन तीन सीटों पर किया बदलाव
भाजपा ने राजस्थान की जिन तीन विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा के बाद बदलाव किए हैं, उनमें अजमेर की मसूदा, बीकानेर की कोलायत और बारां की अटरू विधानसभा सीट शामिल रहे।
जानें क्यों हुआ बदलाव?
1. मसूदा :
भाजपा ने अजमेर की मसूदा विधानसभा सीट पर पहले अभिषेक सिंह का फाइनल करते हुए सूची में शामिल किया था। नाम सूची में आने के फ़ौरन बाद अभिषेक ने मीडिया से बातचीत में शीर्ष नेतृत्व का शुक्रिया अदा करते हुए अपनी जीत का दावा तक किया था। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रत्याशी नहीं, बल्कि संगठन लड़ता है। पिछले कुछ समय से चुनाव प्रबंधन का कार्य देखा है अब पार्टी की तय रणनीति के अनुसार चुनाव लड़ा जाएगा। उन्होंने सभी जातियों के वोट ज़रूरी बताते हुए जातिगत आधार पर चुनाव लड़ने की बात को नकारा था।
हालांकि अभिषेक सिंह की टिकट पाने की ख़ुशी और जीत के दावे को ज़्यादा वक्त नहीं बिता, कि पार्टी ने उनका टिकट काटकर उसमें बदलाव कर दिया। अभिषेक की जगह वीरेंद्र सिंह कानावत को नया अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया गया। बताया गया कि अभिषेक सिंह ने कुछ गलत जानकारियों के साथ दस्तावेज प्रस्तुत कर टिकट हासिल किया है। इस बात के सामने आने के बाद आलाकमान गंभीरता से लिया और आखिर वक्त पर टिकट में बदलाव करना पड़ा।
2. कोलायत :
आखिरी समय पर टिकट बदलने का मामला बीकानेर के कोलायत में भी सामने आया। हालांकि यहां मां का टिकट काटकर पुत्र को ही टिकट थमाकर बात घर के अंदर ही रही और ज़्यादा बवाल नहीं हुआ। भाजपा ने इस सीट पर पूर्व घोषित प्रत्याशी पूनम कंवर की जगह उनके बेटे अंशुमान सिंह को प्रत्याशी बनाने का फैसला लिया। गौरतलब है कि प्रत्याशी अंशुमान सिंह पूर्व सांसद स्व. महेंद्र सिंह के पुत्र और पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी के पौत्र हैं।
3. अटरू :
भाजपा को बारां की अटरू विधानसभा सीट पर भी अपने प्रत्याशी के नाम पर आखिरी समय में बदलाव करना पड़ा। दरअसल, इस रिजर्व सीट पर पूर्व घोषित प्रत्याशी सारिका की जाति प्रमाण पत्र से कुछ कारणों से उनका नामांकन कैंसल हो गया। बताया जा रहा है कि सारिका के पास एससी वर्ग का प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं था, जिसके चलते चुनाव अधिकारी ने उनके फार्म को पूरे डॉक्यूमेंट नहीं होने के चलते लेने से मना कर दिया।
बताया ये भी गया है कि सारिका सिंह मूल रूप से मध्य प्रदेश की रहने वाली हैं। उनकी शादी राजस्थान में हुई है। एमपी में सारिका सिंह चौहान की जाति ओबीसी कैटेगरी में है, जबकि राजस्थान की बारां-अटरू सीट पर उनका परिवार अनुसूचित जाति वर्ग में है। इसी वजह से भाजपा ने उन्हें टिकट दिया था। लेकिन पार्टी को अब ऐन वक्त पर बदलाव करते हुए राधेश्याम बैरवा को टिकट थमाना पड़ा।
Published on:
06 Nov 2023 01:40 pm
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