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जयपुर। विधानसभा उपचुनाव को लेकर कांग्रेस में हलचल तेज होने लगी है। फील्ड सर्वे के आधार पर टिकट वितरण के दावे भी बड़े नेता कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस के खाते की चार सीटों में से तीन पर परिवारवाद ही हावी नजर आ रहा है। इसकी चर्चा क्षेत्र से लेकर पार्टी मुख्यालय तक है। रिक्त हुई सात सीटों में से 4 कांग्रेस और एक-एक भाजपा, आरएलपी और बीएपी के खाते की है।
दौसा, झुंझुंनु, देवली-उनियारा और रामगढ़ कांग्रेस के खाते की है। देवली-उनियारा के अलावा तीनों सीटों पर नेताओं के परिवार के लोगों के ही नाम आगे हैं। देवली-उनियारा पर मीना व गुर्जर नेताओं की दावेदारी ज्यादा है। खींवसर सीट आरएलपी व चौरासी सीट बीएपी के खाते की है। इन सीटों पर बीएपी और आरएलपी के साथ कांग्रेस के गठबंधन को लेकर चर्चा है, लेकिन आधिकारिक रूप से गठबंधन को लेकर स्थिति किसी नेता ने स्पष्ट नहीं की है। ऐसे में आरएलपी और बीएपी के साथ कांग्रेस भी यहां तैयारी में जुटी है।
खींवसर विधानसभा सीट पर कांग्रेस-आरएलपी और चौरासी सीट पर बीएपी-कांग्रेस गठबंधन को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में यहां सभी अपनी-अपनी तैयारी कर रहे हैं। अभी तक गठबंधन नहीं होने से कांग्रेस नेता भी यहां दावेदारी कर रहे हैं। लेकिन कोई बड़ा नाम खुलकर सामने नहीं आ रहा। सलूबर सीट पर भी कांग्रेस फीडबैक ले रही है। यहां भी अभी कोई बड़ा नाम वर्षा में नहीं है।
दौसा: दौसा विधानसभा सीट मुरारीलाल मीना के सांसद बनने से रिक्त हुई है। अब यहां उनकी पत्नी सविता मीना व पुत्री निहारिका मीना का नाम चर्चा में आगे है। वहीं, पूर्व विधायक जीआर खटाना भी जोर आजमाइश कर रहे हैं।
रामगढ़ः रामगढ़ विधानसभा सीट विधायक जुबेर खान के निधन के चलते रिक्त हुई है। अब यहां उनके छोटे पुत्र आर्यन खान का नाम चलाया जा रहा है।
झुंझुनूं: विधानसभा सीट बृजेन्द्र ओला के सांसद बनने से रिक्त हुई है। अब यहां ओला की पत्नी राजबाला ओला, पुत्र अमित ओला और पुत्रवधू आकांक्षा ओला के नामों की चर्चा है।
देवली-उनियाराः हरीश मीना के सांसद बनने से देवली-उनियारा सीट रिक्त हुई है। यहां मीना के परिवार के कुछ नामों के अलावा अन्य कई बड़े नेता अंदर खाने दावेदारी कर रहे हैं।
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Updated on:
16 Oct 2024, 1:41 PM IST
Published on:
16 Oct 2024, 8:26 AM IST
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