
जयपुर। AIMIM के चीफ और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी की ओर से राजस्थान की 50 से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा और चुनावी कैंपेन शुरू करने के बाद कांग्रेस थिंक टैंक ओवैसी फैक्टर से होने वाले नफा-नुकसान के आंकलन में जुट गया है। असदुद्दीन ओवैसी ने जिस प्रकार से अपना चुनावी आगाज अल्पसंख्यक बाहुल्य सीटों से किया है उससे कांग्रेस थिंक टैंक में चिंता बढ़ गई है।
कांग्रेस थिंक टैंक की चिंता इस बात को लेकर है कि पार्टी का परंपरागत वोट बैंक कहीं उनसे छिटक नहीं जाए और अब इसी को लेकर कांग्रेस थिंक टैंक में नई रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। ओवैसी का हमलों का जवाब देने के लिए कांग्रेस थिंक टैंक ने अब अल्पसंख्यक वर्ग से जुड़े विधायकों और नेताओं को ही जवाबी हमला करने के लिए आगे करने की रणनीति तैयार की है।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस थिंक टैंक असदुद्दीन ओवैसी की तरफ आकर्षित हो रहे अल्पसंख्यक युवाओं और मतदाताओं का ध्यान हटाने के लिए अपने विधायकों, मंत्रियों और बोर्ड-निगमों के चेयरमैन को अलग-अलग टास्क देकर उन्हें कांग्रेस के पाले में ही रखने के निर्देश दिए गए।
दरअसल जिस तरह से बुधवार को असदुद्दीन ओवैसी के जयपुर, सीकर और झुंझुनूं जिले के दौरे के दौरान अल्पसंख्यक मतदाताओं की भीड़ उमड़ी है, उसके बाद से ही कांग्रेस में चिंता बढ़ी हुई है।
यही वजह है कि कांग्रेस के मंत्रियों- विधायक भी असदुद्दीन ओवैसी के राजस्थान में कोई वजूद नहीं होने का दावा कर रहे हैं। साथ ही यह भी कह रहे हैं कि राजस्थान का अल्पसंख्यक मतदाता किसी भी कीमत पर ओवैसी के साथ नहीं जाएगा,चूंकि ओवैसी अल्पसंख्यक वर्ग के वोट लेकर अप्रत्यक्ष तौर पर बीजेपी की मदद करते हैं।
अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों में दौरे करेंगे कांग्रेस नेता
बताया जाता है कि कांग्रेस थिंक टैंक ने कांग्रेस से जुड़े मंत्री-विधायकों और अल्पसंख्यक नेताओं को ज्यादा से ज्यादा अल्पसंख्यक क्षेत्रों में दौरे करने और उनकी समस्याओं का निस्तारण करने के भी निर्देश दिए हैं, जिससे अल्पसंख्यक मतदाताओं की नाराजगी दूर हो सके। बताया जाता है कि विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद कांग्रेस से जुड़े अल्पसंख्यक नेता मुस्लिम बहुल इलाकों में जाकर कांग्रेस की रीति-नीति, कल्चर और गहलोत सरकार की योजनाओं का प्रचार प्रसार करेंगे और साथ ही बताएंगे कि सरकार ने अल्पसंख्यक वर्ग के लिए किन-किन योजनाओं का संचालन कर रखा है।
इसलिए भी है थिंक टैंक की चिंता
दरअसल असदुद्दीन ओवैसी फैक्टर को लेकर होने वाले नफा-नुकसान की चिंता कांग्रेस थिंक टैंक को इसलिए भी है क्योंकि असदुद्दीन ओवैसी ने राजस्थान के दिन 50 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की घोषणा की है उन 50 सीटों पर अल्पसंख्यक मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं।
साथ ही करीब 30 से 35 सीटें ऐसी हैं, जहां पर अल्पसंख्यक मतदाता 40 से 50 हजार की संख्या में है। ऐसे में अगर इन सीटों पर एमआईएम चुनाव लड़ती है तो कांग्रेस पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है, यही वजह है कि कांग्रेस थिंक टैंक ने नाराज चल रहे अल्पसंख्यक मतदाताओं को रिझाने के लिए अल्पसंख्यक नेताओं को ही इस जिम्मेदारी दी है तो वहीं असदुद्दीन ओवैसी पर भी जुबानी हमले करने के निर्देश भी दिए हैं।
गौरतलब है कि बुधवार को दो दिवसीय दौरे पर अपना चुनाव अभियान का आगाज करने आए ओवैसी ने जयपुर में गहलोत सरकार और कांग्रेस पर जमकर जुबानी हमले किए थे।
वीडियो देंखेंः- जयपुर पहुंचे ओवैसी, करौली हिंसा पर बोले कुछ ऐसा
Published on:
15 Sept 2022 12:13 pm
