
Rajasthan health news: जयपुर। विश्व मलेरिया दिवस 2025 पर राजस्थान ने एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। लगातार नवाचार, जनजागरूकता और प्रभावी स्वास्थ्य योजनाओं की बदौलत राज्य अब राष्ट्रीय स्तर पर मलेरिया उन्मूलन के लिए कैटेगिरी—1 में शामिल हो गया है। इस उपलब्धि के पीछे है सरकार की ठोस रणनीति और चिकित्सा विभाग का समर्पित प्रयास।
स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के नेतृत्व में मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इन प्रयासों के चलते राजस्थान अब मलेरिया उन्मूलन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।
विश्व मलेरिया दिवस 2025 की थीम "मलेरिया का अंत— पुनर्निवेश, पुनर्कल्पना, पुनर्जागृति" रखी गई है। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि यह थीम साझा जिम्मेदारी और नए उपायों की ओर ध्यान केंद्रित करती है। विभाग इस दिशा में नवाचारी तरीकों पर विशेष फोकस कर रहा है।
प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि राजस्थान को केन्द्र सरकार द्वारा मलेरिया नियंत्रण के क्षेत्र में कैटेगिरी—1 राज्य घोषित किया गया है। इस श्रेणी में वे राज्य आते हैं जहां वार्षिक पैरासाइट इन्सीडेंस(API) 1 से कम होता है। राजस्थान के सभी जिलों में API 1 से कम है।
जनस्वास्थ्य निदेशक डॉ. रवि प्रकाश शर्मा के अनुसार 2024 में मलेरिया के 2213 मामले दर्ज हुए थे, जबकि 2025 में अब तक केवल 59 केस सामने आए हैं। यह विभागीय योजनाओं की सफलता को दर्शाता है।
आईईसी गतिविधियों के माध्यम से आमजन को मलेरिया से बचाव की जानकारी दी जा रही है। लार्वा प्रदर्शन, ऑडियो-वीडियो प्रचार, पंपलेट, पोस्टर जैसे माध्यमों से लोगों को सजग किया जा रहा है।
1 अप्रैल से शुरू हुए मलेरिया क्रैश प्रोग्राम के तहत राज्य भर में एंटी लार्वा छिड़काव, सोर्स रिडक्शन, फोकल स्प्रे और फॉगिंग जैसी गतिविधियां की जा रही हैं। यह अभियान गांव-शहर दोनों में असरकारी रहा है।
राज्य के 9 हाई रिस्क जिलों, जिनमें अलवर, बालोतरा, बाड़मेर, बीकानेर, जैसलमेर, प्रतापगढ़, सलूंबर, श्रीगंगानगर और उदयपुर में दो चरणों में इंडोर रेजिड्यूअल स्प्रे (IRS) कराया जा रहा है, जिससे संक्रमण के स्रोतों को समाप्त किया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने अन्य विभागों से तालमेल करते हुए मलेरिया के उन्मूलन में सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया है। सफाई, जल आपूर्ति और शहरी निकायों के सहयोग से कई क्षेत्रों में मच्छरजनित रोगों पर नियंत्रण पाया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने आम जनता से अपील की कि वे घरों व आसपास पानी एकत्र न होने दें, मच्छरदानी का प्रयोग करें और स्वास्थ्य कर्मियों के निर्देशों का पालन करें। मलेरिया को जड़ से समाप्त करने में हर नागरिक की भूमिका अहम है।
राज्य सरकार का अगला लक्ष्य राजस्थान को पूरी तरह मलेरिया मुक्त बनाना है। इसके लिए तकनीकी नवाचार, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार और जनजागरूकता को प्राथमिकता दी जाएगी।
Updated on:
25 Apr 2025 11:27 am
Published on:
25 Apr 2025 10:47 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
