
खजूर की खेती में गलत पौधों के इस्तेमाल का मामला सामने आने के बाद सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब जिन किसानों को गलत पौधे मिले थे, उन्हें नए सही पौधे दिए जाएंगे। साथ ही प्रभावित किसानों को मुआवजा भी दिया जाएगा। दरअसल, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत खजूर की हाईटेक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को दिए गए टिश्यू कल्चर पौधों में गड़बड़ी सामने आई थी। इसके बाद राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि सभी प्रभावित पौधों को हटाकर उनकी जगह सही किस्म के टिश्यू कल्चर पौधे लगाए जाएंगे।
साथ ही किसानों को प्रति वर्ष 800 रुपए प्रति पौधा के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा। इस योजना के तहत प्रदेश के 85 किसानों को करीब 2.29 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। श्रीगंगानगर जिले को इसमें सबसे अधिक 110.24 लाख रुपए मिलेंगे।
वर्ष 2022-23 और 2023-24 में प्रदेशभर में 34,308 खजूर पौधे वितरित किए गए थे। इनमें से 8,356 पौधे बाद में गलत पाए गए। किसानों को मादा (फीमेल) पौधे देने थे, लेकिन पुष्पन के दौरान अधिकांश पौधे नर (मेल) निकल गए।
राजस्थान पत्रिका ने खजूर की हाईटेक खेती में दिए गए गलत पौधों की गड़बड़ी का मुद्दा सबसे पहले प्रमुखता से उठाया। टिश्यू कल्चर खजूर के जेंडर फ्रॉड, किसानों को नुकसान और मिट्टी की हानि जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर किया। इसके बाद उद्यान विभाग सक्रिय हुआ और प्रभावित किसानों के खेतों में जाकर सर्वे किया। रिपोर्ट तैयार कर निदेशालय जयपुर भेजी गई।
मामले में उद्यान विभाग ने संबंधित फर्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। करीब तीन करोड़ रुपए की अनुदान राशि रोक दी गई थी। जयपुर में फर्म के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई गई।
श्रीगंगानगर सहित राज्यभर में किसानों को अनुदान पर खजूर के पौधे उपलब्ध करवाए गए थे। लेकिन पौधे गुणवत्ता के अनुरूप नहीं थे। सबसे पहले श्रीगंगानगर जिले में सर्वे कर रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी गई। अब नए पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे और किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। — प्रतिबाला, उप निदेशक, उद्यान विभाग, श्रीगंगानगर
Published on:
21 Mar 2026 12:15 pm
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