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Rajasthan News : रिहायशी इलाकों में क्यों आ रहे हैं पैंथर, जानिए इसके 3 कारण

वे कौन से कारण हैं जिनकी वजह से जंगली जानवर, ख़ासकर पैंथर, रिहायशी इलाकों में आते रहते हैं? इसके 3 कारण जानिए
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Rajasthan News : राजस्थान में इन दिनों जंगली जानवरों खासकर पैंथर के रिहायशी इलाकों में आने की खबरें अक्सर सुनने को मिल रही हैं। धौलपुर जिले के मनियां इलाके के गांव मांगरौल में बुधवार को एक पैंथर आ गया और उसने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी। 20 से अधिक घंटे की मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम पैंथर को रेस्क्यू करने में कामयाब रही। हालांकि, तब तक जंगली जानवर ने कम से कम दो ग्रामीणों को घायल कर दिया था, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

दो दिन पहले उदयपुर शहर के रिहायशी इलाकों में भी एक पैंथर घुस आया था। कवरेज के लिए गए पत्रकार पर भी पैंथर ने हमला कर दिया, लेकिन पत्रकार की सूझबूझ से पैंथर को पकड़ लिया गया।

इसी बीच बुधवार को उदयपुर शहर के सेक्टर 14 में एक घर में पैंथर घुस गया। इसके बाद वन विभाग की टीम ने उसे रेस्क्यू किया। डूंगरपुर, राजसमंद, अलवर समेत राजस्थान के कई हिस्सों से ऐसी खबरें सुनने को मिल रही हैं। शहर के रिहायशी इलाकों में लगातार पैंथर देखा जा रहा है।

आख़िर वे कौन से कारण हैं जिनकी वजह से जंगली जानवर, ख़ासकर पैंथर, रिहायशी इलाकों में आते रहते हैं?

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1. अत्यधिक गर्मी, जंगलों में बढ़ते तापमान, जंगलों में आग लगने की घटनाएं और वनों की कटाई के कारण।

विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में पैंथर रिहायशी इलाकों में सामान्य से ज्यादा नजर आते हैं क्योंकि जंगल के अंदर का तापमान भी बढ़ जाता है। हवा का बहाव समतल क्षेत्रों की तुलना में कम होता है, इसलिए पैंथर राहत पाने के लिए रिहायशी इलाकों की ओर चले जाते हैं।

2. पैंथर भोजन की तलाश में आबादी वाले इलाकों में भी आते हैं।

कई बार जंगलों की तुलना में जंगली जानवरों को रिहायशी इलाकों में खाना ज्यादा आसानी से मिल जाता है। पैंथर जैसे जानवर के लिए रिहायशी इलाकों में जानवरों का शिकार करना आसान हो जाता है। इसलिए पैंथर आबादी वाले इलाकों में ज्यादा नजर आते हैं।

3. पैंथर का घने जंगलों की बजाय रिहायशी इलाकों में विचरण करने का स्वभाव।

पैंथर के स्वभाव को जानने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि पैंथर घने जंगलों की बजाय रिहायशी इलाकों में घूमना पसंद करता है।

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